प्यार, धोखा और खौफनाक साजिश… लेडी टीचर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, जीजा ने ही करवाई हत्या BIHAR NEWS : नारियल में नहीं था पानी… और मच गया बवाल! ₹50 की बात पर 10 लोग घायल, 30 पर केस Bihar News: झगड़े के बाद उठाया खौफनाक कदम… तीन मंजिला मकान से कूदे पति-पत्नी, पति की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल Patna NEET Case : पटना NEET छात्रा कांड में बड़ा अपडेट: कोर्ट ने CBI से मांगी ताजा रिपोर्ट, 30 मार्च डेडलाइन Bihar News : डेडलाइन खत्म… अब हड़ताली राजस्व अफसरों की जाएगी नौकरी, लिस्ट हो रहा तैयार; दो दिन में हो जाएगा हिसाब -किताब BIHAR NEWS : बिहार में डिजिटल क्रांति! “बिहार वन” से घर बैठे मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं; इस महीने से होगी शुरुआत Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी ! इनलोगों का 1 से 10 अप्रैल के बीच होगी जॉइनिंग; जानिए पूरा अपडेट IAS ranking Bihar : बिहार की नई IAS सीनियरिटी लिस्ट ने सबको चौंका दिया, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत चौथे नंबर पर, जानिए टॉप पर है किसका नाम... medicine price hike : 1 अप्रैल से दवाएं महंगी! पेरासिटामोल-एंटीबायोटिक के बढ़ेंगे दाम, जानिए कितना पड़ेगा असर BIHAR NEWS : पटना से बड़ा ऐलान! अब देश के किसी भी कोने से मदद मांग सकेंगे बिहार के प्रवासी मजदूर
27-May-2025 12:52 PM
By First Bihar
Vehicle registration delayed in Bihar : बिहार में नई गाड़ी खरीदने के बाद उसका रजिस्ट्रेशन कराना आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। जहां एक ओर ग्राहक को नई गाड़ी की चाबी तो तुरंत मिल जाती है, वहीं रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और ऑनरशिप कार्ड पाने के लिए महीनों तक परिवहन विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वर्तमान में राज्यभर में 1.23 लाख से अधिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन लंबित है, जिनमें से सिर्फ पटना में ही यह संख्या 13,000 से ज्यादा है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि बिहार में वाहन पोर्टल पर जरूरी दस्तावेजों को समय पर अपलोड नहीं किया जा रहा है। टैक्स रसीद से लेकर मालिकाना हक के प्रमाण पत्र तक, सभी जरूरी कागजात अपलोड करने में विभागीय लापरवाही सामने आ रही है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया अटक रही है। इसका सीधा असर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, बीमा क्लेम और ऑनर कार्ड जैसी जरूरी सेवाओं पर पड़ रहा है।
इस देरी का असर सिर्फ दस्तावेज़ों तक सीमित नहीं है। वाहन मालिकों को फाइनेंसर की ओर से नोटिस मिल रहे हैं, क्योंकि अधूरे रजिस्ट्रेशन के कारण लोन और बीमा संबंधी प्रक्रिया ठप पड़ी है। वहीं, ट्रैफिक चालान के निपटारे में भी लोग अटक रहे हैं। परिवहन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों (DTO) की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। पोर्टल आधारित सिस्टम की धीमी रफ्तार और कर्मचारियों की उदासीनता के कारण हजारों वाहन मालिक अपने दस्तावेजों के साथ ऑफिसों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिल पा रहा है।