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Bihar Teacher Vacancy : बिहार में 45 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, सीएम नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान; लालू -राबड़ी शासनकाल पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने पूर्णिया दौरे के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में जल्द ही 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली होगी। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

12-Mar-2026 12:28 PM

By First Bihar

Bihar Teacher Vacancy : बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान Purnia का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में जल्द ही 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।


पूर्णिया में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले कई वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधारात्मक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की।


मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले राज्य में नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की गई, जिससे स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ी। इसके बाद पारदर्शी प्रक्रिया के तहत Bihar Public Service Commission के माध्यम से भी शिक्षकों की भर्ती कराई गई। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज बिहार में सरकारी शिक्षकों की संख्या बढ़कर 5 लाख 24 हजार से अधिक हो चुकी है। अब इसी क्रम में राज्य सरकार 45 हजार और शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।


मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 से ही राज्य सरकार ने लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। छात्राओं को साइकिल, पोशाक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिसका सकारात्मक असर स्कूलों में देखने को मिला। इन योजनाओं के कारण स्कूलों में लड़कियों की उपस्थिति और नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के पुराने दौर की स्थिति का जिक्र करते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 से पहले बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उस समय लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने में डरते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी काफी खराब थी और कई वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद इन क्षेत्रों में कोई बड़ा काम नहीं किया गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में बिहार में सड़कों और पुल-पुलियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया गया है। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिला है और अब राज्य के विभिन्न जिलों से राजधानी पटना तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।


उन्होंने कहा कि पहले कई जिलों से पटना पहुंचने में छह घंटे या उससे अधिक समय लगता था, लेकिन अब बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण सबसे दूर के जिलों से भी करीब पांच घंटे में राजधानी पहुंचना संभव हो गया है। इससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान हुई है।


मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में राज्य सरकार ने Saat Nischay Yojana की शुरुआत की थी, जिसके तहत युवाओं, महिलाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई कार्यक्रम शुरू किए गए। इसके बाद वर्ष 2020 में इसका दूसरा चरण लागू किया गया।


उन्होंने कहा कि अब सात निश्चय-3 के तहत भी राज्य में कई विकासात्मक योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में लगातार सुधार किया जाए, ताकि आने वाले समय में राज्य के विकास को नई गति मिल सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई शिक्षक बहाली से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और छात्रों को बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।