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12-Apr-2025 02:46 PM
By First Bihar
Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन शिक्षक-शिक्षिकाओं के दस्तावेजों की जांच की जाएगी, जिन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत पटना जिला आवंटित किया गया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसका नेतृत्व उच्च शिक्षा के उपनिदेशक डॉ. दीपक कुमार सिंह करेंगे।
समिति का उद्देश्य पटना स्थानांतरण पाए शिक्षकों द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्थानांतरण के लिए दिये गए सभी दस्तावेज प्रमाणिक और नियमानुसार हों। यह समिति पांच दिनों के भीतर प्राथमिक शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट सौंपेगी।
समिति के सदस्य
डॉ. दीपक कुमार सिंह – अध्यक्ष (उच्च शिक्षा के उपनिदेशक)
संजय कुमार चौधरी – सदस्य (प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक)
अब्दुस सलाम अंसारी – सदस्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक)
यह आदेश प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला के हस्ताक्षर से शुक्रवार को जारी किया गया।
वहीं पिछले वर्ष 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच विशेष समस्याओं से जूझ रहे शिक्षकों और पति-पत्नी आधार पर स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आमंत्रित किए गए थे। इसके आधार पर शिक्षा विभाग ने 28 फरवरी, 24 मार्च और 30 मार्च को स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। शिक्षकों की प्राथमिकताओं और उपलब्ध विकल्पों के अनुसार जिलों का आवंटन किया गया, जिसमें पटना जिला भी शामिल है। अब पटना में स्थानांतरित शिक्षकों को पोस्टिंग देने से पहले दस्तावेजों की वैधता की गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी समस्या से बचा जा सके।
बता दें कि, जांच समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, पात्र पाए गए शिक्षकों को जल्द ही नए स्कूलों में पदस्थापन (पोस्टिंग) मिल सकती है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग की एक अहम पहल मानी जा रही है। वहीं, ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण के बाद जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं को पटना जिला आवंटित किया गया है, उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की समीक्षा यह तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। इसके बाद जल्द ही शिक्षकों को पोस्टिंग मिल सकती है।