पीयर थाना के अपर थानेदार घूस लेते कैमरे में कैद, मुजफ्फरपुर SSP ने किया सस्पेंड मुंगेर के बाद कटिहार में बुजुर्ग से ठगी: खुद को पुलिस बता ठग ने उड़ा लिए लाखों के जेवर समस्तीपुर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, दो बदमाश गिरफ्तार बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, हिंसक झड़प में बुजुर्ग की मौत, मां-बेटी घायल VAISHALI: जढ़ुआ ओपी प्रभारी ने उठा लिया बड़ा कदम, सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली नीतीश कुमार विकास-सुशासन के पर्याय...दूरदर्शी सोच ने विशिष्ट नेता के रूप में किया स्थापित, योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा- HAM किशनगंज के पूर्व DSP गौतम कुमार निलंबित, EOU ने 5 घंटे की पूछताछ के बाद कसा शिकंजा भीषण सड़क हादसे में बाप-बेटी की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; स्कार्पियो-बाइक की हुई जोरदार टक्कर राघोपुर हिंसक झड़प मामले में DM वर्षा सिंह ने की कार्रवाई, सीओ को हटाकर मांगा स्पष्टीकरण, विभागीय कार्रवाई शुरू Summer Special Trains: पुणे एवं मुंबई के लिए समर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन, रेलवे ने जारी किया शेड्यूल; जानिए..
04-Jun-2025 02:56 PM
By First Bihar
Bihar Teacher: बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत साढ़े छह लाख शिक्षकों के लिए नीतीश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सभी शिक्षकों को अब साल में दो बार प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) को इस बारे में कार्ययोजना भेज दी है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
जानकारी के मुताबिक प्रशिक्षण सप्ताह भर का होगा और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में आवासीय रूप से आयोजित किया जाएगा। SCERT द्वारा तैयार पाठ्यक्रम के तहत यह प्रशिक्षण होगा। जिसमें प्रत्येक शिक्षक की सहभागिता अनिवार्य है और प्रशिक्षण में भाग न लेने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने इस कार्ययोजना को लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। प्रशिक्षण के आधार पर शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों का मूल्यांकन भी होगा। यह कदम बच्चों के बेहतर भविष्य और स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए उठाया गया है।
यह पहल बिहार में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। प्रशिक्षण से शिक्षकों की शिक्षण क्षमता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा। सरकार का यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।