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21-Nov-2025 07:54 AM
By First Bihar
Bihar Bhumi Update: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आम लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए पहले ही सभी अंचल कार्यालयों को निर्देश जारी किया था। इसके तहत चुने गए सीएससी–वीएलई (सेंट्रल सर्विस सेंटर विलेज लेवल एंटरप्रेनर) को अंचल कार्यालय में ऐसी जगह बैठाने का आदेश दिया गया था, जहाँ रैयत और भू-धारक आसानी से पहुंच सकें और बिना किसी परेशानी के म्यूटेशन, दाखिल–खारिज, एलपीसी, किरायानामा और अन्य भूमि संबंधित सेवाएँ प्राप्त कर सकें। इस पहल का मकसद सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना था, ताकि आम जनता को दलालों के चक्कर में नहीं पड़ना पड़े।
हालांकि विभाग को हाल ही में प्राप्त फीडबैक ने चिंता बढ़ा दी है। अधिकांश अंचल अधिकारियों ने इस आदेश का पालन ठीक से नहीं किया। कई जगहों पर वीएलई के बैठने की व्यवस्था सही ढंग से नहीं की गई, जबकि कुछ अंचलों में उन्हें ऐसी जगह बैठाया गया जहाँ लोगों की नज़र ही नहीं जाती। परिणामस्वरूप विभाग का पूरा उद्देश्य अधूरा रह गया। इस स्थिति को गंभीरता से देखते हुए विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता का मामला है।
वीएलई को उचित स्थान देने का निर्देश पहले 30 अप्रैल 2025 को जारी किया गया था और 18 नवंबर 2025 को इसे दोबारा दोहराया गया। इसके बावजूद अधिकांश अंचल अधिकारी इसे लागू नहीं कर पाए। अब नए निर्देश में सभी कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके जिले के सभी अंचल कार्यालयों में चुने गए सीएससी–वीएलई को ऐसी जगह बैठाया जाए, जहाँ वह आसानी से दिखाई दें और बिना किसी बाधा के सेवाएँ प्रदान कर सकें। विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था हर हाल में लागू होनी चाहिए ताकि आम जनता को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
अपर मुख्य सचिव ने यह भी आदेश दिया है कि 28 नवंबर तक सभी समाहरणालय इस आदेश के पालन की रिपोर्ट विभाग को भेजें। जो अंचल अधिकारी इस निर्देश की अवहेलना करेंगे, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि पालन नहीं करने वालों के खिलाफ निलंबन और अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करने के लिए आरोपपत्र जारी किया जाएगा।
यह कदम डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बिहार में सीएससी–वीएलई को अधिक स्पष्ट और लोगों के दृष्टिगत जगह पर बैठाने से ऑनलाइन सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी, सेवाओं में देरी कम होगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी घटेगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि अब कोई भी अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं लेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार की सुविधा प्रधान डिजिटल बिहार पहल को भी मजबूत करेगा और आम जनता को सरकारी सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ाएगा।