बिहार में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई: मुखिया समेत 15 लोग गिरफ्तार, उत्पाद विभाग का सख्त अभियान पहले पति की बेरहमी से हत्या… अब पत्नी ने दो मासूम बच्चों संग उठाया खौफनाक कदम, तीनों की हालत नाजुक देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर? देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर? पटना में परिवहन विभाग की सख्ती: 800 से अधिक BH सीरीज वाहनों पर जुर्माना, 575 वाहनों से भारी वसूली पटना में परिवहन विभाग की सख्ती: 800 से अधिक BH सीरीज वाहनों पर जुर्माना, 575 वाहनों से भारी वसूली LPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयार LPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयार बिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदे बिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदे
13-Aug-2025 11:37 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के शहरी विकास में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। राजधानी पटना समेत सभी प्रमंडलीय शहरों के आसपास सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को गति देने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने भूमि आवंटन के नियम तय कर दिए हैं। प्रत्येक टाउनशिप कम से कम 100 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें 55% जमीन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मूल भूस्वामियों को वापस की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य शहरीकरण को व्यवस्थित करना और बढ़ती आबादी के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय क्षेत्र तैयार करना है।
नए नियमों के तहत, टाउनशिप के लिए अधिग्रहित जमीन का विकास निर्धारित समय-सीमा में होगा। भूस्वामियों से जमीन देने की अपील अधिसूचना जारी होने के दो महीने के भीतर की जाएगी और उनकी आपत्तियों व सुझावों पर विचार किया जाएगा। विकास प्राधिकरण को टाउनशिप के लिए सीमांकन, बुनियादी ढांचे का विकास और भूखंड आवंटन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकसित टाउनशिप में सड़कें, पार्क, खेल के मैदान और सामाजिक सुविधाओं वाली जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए प्राधिकरण के नियंत्रण में रहेगी। भूस्वामियों को आवंटित भूखंडों का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा और जमीन बेचने के लिए पंजीकृत विलेख की जरूरत नहीं होगी।
यदि टाउनशिप के विकास में देरी होती है तो भूस्वामियों को मुआवजा देने का प्रावधान भी किया गया है। नियमों के अनुसार, विकास प्राधिकरण को निर्धारित समय में बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा और जरूरत पड़ने पर एक साल का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। इसके बाद भी देरी होने पर जुर्माना वसूला जाएगा जो भूस्वामियों को वितरित किया जाएगा। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि भूस्वामियों के हितों की रक्षा हो और परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो। जमीन का आवंटन उसी अंचल में होगा, जहां से जमीन ली गई है और यदि यह संभव न हो तो आसपास के क्षेत्रों में भूखंड दिए जाएंगे।
यह योजना बिहार के शहरी परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में जनसंख्या का दबाव कम करने और सुनियोजित आवासीय क्षेत्र विकसित करने के लिए सैटेलाइट टाउनशिप एक प्रभावी उपाय हो सकता है। नगर विकास विभाग ने इस परियोजना को पारदर्शी और भूस्वामियों के हितों को प्राथमिकता देने वाला बनाने की कोशिश की है। अब देखना यह है कि यह योजना जमीन पर कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से लागू होती है, ताकि बिहार के शहर आधुनिकता और सुविधाओं के मामले में नए मुकाम हासिल कर सकें।