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03-Jun-2025 07:08 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत राज्य के नौ शहरों में हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है, जिसमें मुजफ्फरपुर और रक्सौल प्रमुख हैं। मुजफ्फरपुर के पताही में न केवल हवाई अड्डे का निर्माण हो रहा है, बल्कि इसके साथ एक उड्डयन प्रशिक्षण अकादमी भी स्थापित की जाएगी।
वहीं, रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डे के मास्टर प्लान में संशोधन के साथ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुजफ्फरपुर के पताही में हवाई अड्डे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ 15 वर्ष के लिए एक समझौता पत्र साइन किया गया है, जिसके तहत हवाई अड्डे के साथ-साथ एक उड्डयन प्रशिक्षण अकादमी भी बनाई जाएगी।
इस अकादमी से न केवल स्थानीय युवाओं को विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी मदद करेगा। हवाई अड्डे की चहारदीवारी और रनवे के निर्माण के लिए AAI से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की गई है। इसके अलावा, एक वीआईपी लॉज की भी योजना है, जिसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है और जल्द ही निर्माण शुरू होगा।
उधर रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डा सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नेपाल सीमा के नजदीक है। इसके मास्टर प्लान में संशोधन किया गया है, क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग को मोड़ना संभव नहीं हो सका। अब यह हवाई अड्डा ए-320 मॉडल के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगा। इसके लिए 139 एकड़ अतिरिक्त भूमि की जरूरत है, जिसके अधिग्रहण के लिए पूर्वी चंपारण के डीएम को निर्देश दिए गए हैं।
भूमि अधिग्रहण के लिए 207 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 10 करोड़ रुपये मुआवजे के लिए जारी हो चुके हैं। रक्सौल हवाई अड्डा, जो 1968 में कलिंग एयर सर्विस का हिस्सा था, चार दशकों से उपेक्षित था। अब इसे उड़ान योजना के तहत पुनर्जनन मिल रहा है, और यह 72-78 सीटर विमानों (जैसे ATR-72/क्यू-400) के लिए तैयार किया जाएगा।
बता दें कि उड़ान योजना का उद्देश्य छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़कर यात्रा को सस्ता और सुलभ बनाना है। बिहार में मुजफ्फरपुर, रक्सौल, सुपौल, सहरसा, भागलपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मधुबनी और छपरा जैसे शहरों में हवाई अड्डों का विकास हो रहा है। इनमें से कई हवाई अड्डों पर 20 सीटों से कम वाले छोटे विमानों के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी हैं।
बिहार सरकार से भूमि उपलब्धता की पुष्टि मांगी गई है, और 2025-26 के बजट में इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। मुजफ्फरपुर में 475 एकड़ भूमि का अधिग्रहण शुरू हो चुका है, और पूर्णिया में भी 40 करोड़ रुपये की परियोजना चल रही है। यह योजना न केवल हवाई संपर्क को बढ़ाएगी, बल्कि बिहार के किसानों और व्यवसायियों को अपने उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचाने में मदद करेगी, जैसा कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा।