देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि आरा सिविल कोर्ट धमाका केस में बड़ा फैसला: सभी दोषी बरी, फांसी की सजा भी रद्द रामनवमी के मौके पर पटना के कई इलाकों से डाकबंगला पहुंचेगी भव्य शोभा यात्रा, मंच पर नजर आएंगे टीवी के भगवान राम बिहार में गांजा की बड़ी खेप बरामद, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर फरार; गाड़ी मालिक पर केस दर्ज पटना में रामनवमी की तैयारी पूरी, महावीर मंदिर की सुरक्षा ATS के हवाले Bihar News: घोटालेबाज अफसर को मिली सजा, अरबों की सरकारी राशि के खेल में थे शामिल, सृजन घोटाले में मिला यह दंड सुपरहिट फिल्म में दिखे, लेकिन खुद ही नहीं देख पाए ‘धुरंधर 2’… ऑटो ड्राइवर एक्टर की कहानी ने छू लिया दिल आरा-छपरा फोरलेन पर दर्दनाक हादसा, रिटायर बीसीसीएल कर्मी की मौत अब सोशल मीडिया चलाने से पहले देनी होगी पहचान? KYC को लेकर सरकार कर सकती है बड़ा फैसला, जानिए
28-Apr-2025 12:10 PM
By KHUSHBOO GUPTA
Bihar News: बिहार की जीविका दीदी सफलता की नई उड़ान भरने वाली हैं। जल्द ही उन्हें एक नई पहचान मिलेगी। बिहार में जीविका दीदियां अब चाय की खेती करेंगी, अपनी फैक्ट्री चलाएंगी और अपनी खुद की चाय कंपनी की मालकिन भी बनेंगी। बिहार की नीतीश सरकार ने इस शानदार योजना पर मुहर लगा दी है। जिससे न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि राज्य के विकास को भी रफ्तार मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने इस योजना से जुड़ी अधिसूचना भी जारी कर दी। इसके तहत जीविका दीदियों को चाय की खेती और चाय फैक्ट्री के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी जाएगी। किशनगंज जिले में चाय बागान का रजिस्ट्रेशन किया गया है और अब वहां जीविका दीदियों का एक स्पेशल प्रोडक्शन ग्रुप भी तैयार किया गया है।
किशनगंज जिले के पोठिया ब्लॉक के कालिदास किस्मत गांव में स्थित ‘टी-प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग यूनिट’ को बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रमोशन कमिटी को सौंप दिया गया है। इस यूनिट को सरकार ने विशेष योजना के तहत तैयार कराया था और अब अगले 10 सालों तक लीज पर लेकर इसे जीविका दीदियों के द्वारा ऑपरेट करवाया जायेगा। जीविका दीदियों का एक “प्रोड्यूसर ग्रुप” भी तैयार किया गया है। इन दीदियों को चाय की खेती, प्रोडक्शन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के हर चीज की पूरी ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे एक सफल बिजनेसवूमन बन सकें।
चाय कंपनी के निदेशक मंडल से लेकर शेयरधारकों तक, सबमें जीविका से जुड़ी महिलाएं ही होंगी। यह पहल न सिर्फ महिलाओं को सेल्फ डिपेंडेंट बनाएगी, बल्कि उन्हें नेतृत्व करने का भी मौका देंगी। इस योजना ने ना सिर्फ जीविका दीदियों की जिंदगी सुधरेगी बल्कि बिहार की पहचान भी देशभर में एक नई चाय ब्रांड के तौर पर होगी।