बिग बॉस फेम रजत दलाल ने गुपचुप तरीके से की शादी, सोशल मीडिया पर वेडिंग फोटोज वायरल बिग बॉस फेम रजत दलाल ने गुपचुप तरीके से की शादी, सोशल मीडिया पर वेडिंग फोटोज वायरल सासाराम की खुशी ने मैट्रिक परीक्षा में हासिल किया 8वां स्थान, IAS अधिकारी बनने का है सपना; फेरी लगाकर कपड़ा बेचते हैं पिता LPG सिलेंडर डिलीवरी होने पर ऐसे करें चेक: फुल है या नहीं, जानें 2 आसान ट्रिक गरीबी को मात देकर राजमिस्त्री की बेटी नसरीन परवीन ने रचा इतिहास, मैट्रिक में 5वां रैंक लाकर भोजपुर का नाम किया रोशन बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में गोपालगंज के कृष्णा ने हासिल किया 9वां रैंक, 482 अंकों के साथ बने जिला टॉपर; पिता हैं सिक्योरिटी गार्ड बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में गोपालगंज के कृष्णा ने हासिल किया 9वां रैंक, 482 अंकों के साथ बने जिला टॉपर; पिता हैं सिक्योरिटी गार्ड 1 अप्रैल से लागू नया टैक्स कानून, सैलरी वालों के लिए बड़ा झटका या राहत? HRA से लेकर Education Allowance तक के बदले नियम बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदन बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026: स्क्रूटिनी और विशेष परीक्षा के लिए छात्रों को मौका, इस दिन से करें आवेदन
11-Mar-2026 08:10 AM
By First Bihar
Bihar land survey : बिहार में जमीन से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को खत्म करने और असली मालिकों को उनका अधिकार दिलाने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम करा रही है। इस अभियान को सरकार ने प्राथमिकता में रखा है और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha ने कहा है कि राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिसंबर 2027 तक बिहार के सभी जिलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, भूमि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद राज्य में जमीन से जुड़े अभिलेख पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी हो जाएंगे। इससे जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और भूमि स्वामित्व को लेकर होने वाले विवादों में काफी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुराने कागजात, सीमांकन की अस्पष्टता और रिकॉर्ड के अपडेट नहीं होने की वजह से विवाद उत्पन्न होते हैं। सर्वेक्षण के माध्यम से इन समस्याओं का स्थायी समाधान संभव होगा।
सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और व्यवस्थित प्रक्रिया के जरिए तैयार किए जाने वाले नए भूमि अभिलेख आम लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद होंगे। जमीन खरीद-बिक्री, म्यूटेशन, सीमांकन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएंगी। इससे सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी भी कम होगी और लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
भूमि सर्वेक्षण के कार्य को गति देने के लिए सरकार लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। इसी कड़ी में 13 मार्च को एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सर्वेक्षण कार्य की प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और उन्हें दूर करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सर्वे का कार्य तय समय सीमा के भीतर ही पूरा हो सके।
यह समीक्षा बैठक शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। बैठक में सर्वे से जुड़े विभागों के अधिकारी, जिला स्तर के पदाधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। सभी जिलों में चल रहे सर्वेक्षण कार्य की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी।
भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक Suharsh Bhagat ने इस बैठक को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने जिलों में चल रहे सर्वेक्षण कार्य की अद्यतन जानकारी और प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में शामिल हों, ताकि हर पहलू की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।
राज्य सरकार का कहना है कि भूमि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद न सिर्फ जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे, बल्कि विकास योजनाओं को लागू करने में भी काफी सहूलियत मिलेगी। साफ और अद्यतन भूमि रिकॉर्ड होने से सड़क, भवन, उद्योग और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस विशेष अभियान के पूरा होने के बाद बिहार में भूमि प्रबंधन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और विवादमुक्त बन सकेगी, जिससे आम लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।