BEGUSARAI: साढ़े 7 कट्ठा जमीन के लिए वरुण चौधरी की हत्या, CCTV फुटेज से मामले का हुआ खुलासा पिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल तिरहुत बांध नहर निर्माण में दर्दनाक हादसा: रोड रोलर की चपेट में आया मासूम, मौके पर मौत कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा रेस्टोरेंट के बिल में छुपा ‘गैस चार्ज’? अब नहीं चलेगी मनमानी, ऐसे करें तुरंत शिकायत ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक सिकरहना नदी में दर्दनाक हादसा: शौच के दौरान फिसलकर डूबा 12 वर्षीय बालक, 6 घंटे बाद मिला शव देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि
18-May-2025 11:34 AM
By First Bihar
Apartment registry law : बिहार सरकार ने फ्लैट खरीददारों के लिए भूमि रिकॉर्ड प्रणाली में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब अपार्टमेंट की जमीन पर व्यक्तिगत जमाबंदी (दाखिल-खारिज) नहीं होगी। इसके बजाय, सामूहिक जमाबंदी बिल्डर या हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर की जाएगी, जिसमें सभी फ्लैटधारियों का उल्लेख होगा।
क्या था पुराना नियम?
अब तक फ्लैट खरीदने पर जमीन के हिस्से का नामांतरण (दाखिल-खारिज) व्यक्तिगत रूप से फ्लैटधारियों के नाम किया जाता था। लेकिन बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011 और 2012 में इसका कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। विभाग को यह भी सूचना मिली कि कुछ अंचल कार्यालयों ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए फ्लैटधारियों के नाम पर दाखिल-खारिज कर दिया है।
क्यों बदला गया नियम?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, इस नियम से भविष्य में फ्लैट मालिकों के बीच जमीन को लेकर विवाद की संभावना बन सकती थी। चूंकि सरकारी सॉफ्टवेयर में व्यक्तिगत जमाबंदी की अनुमति नहीं है, इसलिए इसे पूरी तरह समाप्त कर सामूहिक जमाबंदी की व्यवस्था लागू की जा रही है।
नए नियम की तैयारी
विभाग एक नई नियमावली तैयार कर रहा है जो अगले दो महीने में लागू हो सकती है। साथ ही सॉफ्टवेयर में भी जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य अपार्टमेंट संस्कृति को कानूनी और पारदर्शी आधार प्रदान करना है, जिससे फ्लैटधारियों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
रेरा की भूमिका
बिहार में अपार्टमेंट निर्माण और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए रेरा पहले से सक्रिय है। अब नए नियम लागू होने से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और बढ़ेगी। यह निर्णय बिहार में तेजी से बढ़ते अपार्टमेंट कल्चर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे फ्लैट खरीददारों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और जमीन को लेकर भविष्य में उत्पन्न होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकेगा।