ब्रेकिंग न्यूज़

घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम… 33 सवालों से खुलेगा हर परिवार का पूरा ‘डेटा’, 17 अप्रैल से शुरू होगा बड़ा अभियान! IAS Training Bihar : बिहार सरकार का बड़ा फैसला! 18 जिलों के DM समेत 38 IAS ट्रेनिंग पर भेजे गए, जारी हुआ आदेश Bihar News : जाते -जाते CM नीतीश ने बिजली उपभोक्ताओं को दी बड़ी राहत ! अब अफसरों ने किया यह काम तो लगेगा 1000 रुपए का जुर्माना; पढ़ें पूरी खबर Bihar News : बिहार सरकार का बड़ा फैसला ! अब सरकारी कर्मचारी सिर्फ 1 बार ही दे सकेंगे प्रतियोगी परीक्षा, नया आदेश जारी BIHAR NEWS : शराबबंदी या मज़ाक? स्कूल के टॉयलेट में शराब, मासूम ने कोल्ड ड्रिंक समझ गटक लिया, फिर ... Bihar Crime : रिश्तों का खौफनाक अंत! बड़े भाई ने छोटे भाई की पत्नी को मारी 3 गोलियां; क्या है पूरा मामला? पढ़ें पूरी खबर Bihar News: IPS अफसरों पर बिहार सरकार की डिजिटल नजर! अब काम, ट्रेनिंग और प्रमोशन सब होगा ऑनलाइन ट्रैक BIHAR NEWS : क्लासरूम से रेस्टोरेंट तक! प्रोफेसर-छात्रा की ‘सीक्रेट मुलाकात’ कैमरे में कैद, रेस्टोरेंट में दिखे अंतरंग पल; जांच के आदेश से मचा हड़कंप Patna LPG Crisis : पटना में LPG संकट बेकाबू! 6 दिनों में 21 हजार सिलेंडर बैकलॉग, 10 दिन तक इंतजार से लोग परेशान, अब मुख्य सचिव ने दिया यह आदेश बिहार में जल्द शुरू होगी हेली टूरिज्म सेवा, पटना से बोधगया, नालंदा, राजगीर समेत 8 प्रमुख स्थलों तक मिनटों में पहुंच सकेंगे पर्यटक।

Home / bihar / BIHAR BHUMI : बिहार में बड़ा बदलाव! अब SC-ST, विधवा और सैनिकों के...

BIHAR BHUMI : बिहार में बड़ा बदलाव! अब SC-ST, विधवा और सैनिकों के जमीन केस सबसे पहले निपटाए जाएंगे, सिन्हा ने कर दिया फैसला

बिहार सरकार ने भूमि विवादों के निपटारे में बड़ा बदलाव किया है। अब SC-ST, विधवा महिलाओं और सैनिकों के मामलों को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि FIFO सिस्टम 30 जून 2026 तक स्थगित रहेगा।

07-Apr-2026 07:21 AM

By First Bihar

BIHAR BHUMI : बिहार सरकार ने राज्य में भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण और बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब राज्य में भूमि विवाद और राजस्व मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया में प्राथमिकता आधारित प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST), विधवा महिलाएं, सैनिक, सेवानिवृत्त जवान, सुरक्षाकर्मी तथा केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मामलों को पहले निपटाया जाएगा।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सभी जिलों और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि सरकार का उद्देश्य है कि कमजोर और संवेदनशील वर्गों को न्याय के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिया है कि इन श्रेणियों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द निष्पादित किया जाए।


FIFO प्रणाली पर लगी रोक

इस नए आदेश के तहत राज्य में लागू First In First Out (FIFO) प्रणाली को फिलहाल 30 जून 2026 तक स्थगित कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि अब भूमि मामलों का निपटारा पुराने या नए आवेदन के क्रम में नहीं बल्कि प्राथमिकता श्रेणी के आधार पर किया जाएगा। सरकार का मानना है कि कई बार संवेदनशील मामलों में देरी होने से लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम जरूरी था। सरकार ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर इन निर्देशों की अनदेखी की जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


आम लोगों को मिलेगी राहत

नए नियमों के तहत आम जनता को भी बड़ी राहत दी गई है। विशेष श्रेणी के आवेदकों को अब बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। जरूरत पड़ने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी जा सकती है। इसके अलावा, वे अपने प्रतिनिधि या वकील के माध्यम से भी अपने मामलों की सुनवाई करवा सकेंगे। इस व्यवस्था से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है, जहां भूमि विवाद लंबे समय से एक बड़ी समस्या बने हुए हैं।


‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की पहल

राज्य सरकार इस पूरी पहल को ‘ईज ऑफ लिविंग’ को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देख रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनसंवाद यात्रा और समृद्धि योजनाओं के दौरान लगातार यह मांग उठती रही है कि भूमि विवादों का निपटारा तेजी से किया जाए।


इसी के साथ सोमवारीय सभा और शुक्रवारीय दरबार जैसे जनसुनवाई कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में लोग अपनी भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचते रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से इन शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।


लापरवाही पर सरकार सख्त

हाल ही में सारण (छपरा) और मुंगेर में आयोजित समीक्षा बैठकों के दौरान यह सामने आया कि कुछ स्थानों पर अधिकारियों द्वारा स्पष्ट निर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा था। इसके बाद विभाग ने एक बार फिर सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि प्राथमिकता आधारित निपटारे में किसी प्रकार की ढिलाई न हो।


पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन पर जोर

राजस्व विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें। सरकार का उद्देश्य है कि भूमि विवादों के समाधान की प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि लोगों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर न्याय मिल सके। इस नई व्यवस्था से बिहार में भूमि प्रशासन प्रणाली में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है और लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।