बिहार में सनसनीखेज वारदात… पति और सौतेली मां ने रची खौफनाक साजिश, फांसी पर लटकाने की कोशिश; बच्चों की बहादुरी से बची मां की जान पटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार, पैसे नहीं देने पर हत्या की दी थी धमकी पटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार, पैसे नहीं देने पर हत्या की दी थी धमकी BJP विधायक के बेटे को रौब दिखाना पड़ा महंगा, जाम में हूटर बजाने पर SDM से भिड़े; फॉर्च्यूनर सीज BJP विधायक के बेटे को रौब दिखाना पड़ा महंगा, जाम में हूटर बजाने पर SDM से भिड़े; फॉर्च्यूनर सीज इलाज कराने आई बच्ची के साथ दरिंदगी… छपरा के अस्पताल में शर्मनाक वारदात, आरोपी कर्मी गिरफ्तार NSMCH बिहटा में तीन दिवसीय बीसीएमई कार्यशाला सम्पन्न, वर्कशॉप में 30 डॉक्टरों ने लिया हिस्सा NSMCH बिहटा में तीन दिवसीय बीसीएमई कार्यशाला सम्पन्न, वर्कशॉप में 30 डॉक्टरों ने लिया हिस्सा 1 करोड़ का इनामी नक्सली प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का निधन, 15 जवानों की हत्या का था आरोपी, सैकड़ों वारदातों को दे चुका अंजाम अजब प्रेम की गजब कहानी: बिहार राज्य महिला आयोग में हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रेमी ने भारी विरोध के बीच प्रेमिका की भरी मांग
18-Feb-2026 07:45 AM
By First Bihar
Bihar Jobs : बिहार में रोजगार के अवसरों को लेकर सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। सरकार के अनुसार आने वाले एक वर्ष में हजारों पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने स्वास्थ्य विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अगले एक साल के अंदर कुल 44 हजार 321 एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बहाली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5006 एएनएम की नियुक्ति भी शामिल है। मंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में पहले ही 7468 एएनएम की नियुक्ति की जा चुकी है। वर्तमान में विभिन्न संवर्ग के तहत 39 हजार 95 नियमित पद और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5226 पद रिक्त हैं, जिन पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इन सभी पदों को अगले एक वर्ष के अंदर भर लिया जाए।
स्वास्थ्य विभाग को मजबूती देने के लिए सरकार ने 21 हजार 270 करोड़ 41 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत किया है। इसके अलावा सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए नई नीति बनाई जा रही है। वहीं निजी प्रतिष्ठित संस्थानों को अस्पताल स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन नीति तैयार की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
सरकार का दावा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। शिशु मृत्यु दर घटकर प्रति एक लाख पर 23 रह गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। मातृ मृत्यु दर 334 से घटकर 104 तक पहुंच गई है। इसके साथ ही राज्य में संस्थागत प्रसव की दर बढ़कर 76.2 प्रतिशत हो गई है। पिछले 16 महीनों से मुफ्त दवा वितरण में बिहार देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। कालाजार, यक्ष्मा और चमकी बुखार जैसी बीमारियों के उन्मूलन को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन भी दी जा रही है।
वहीं शिक्षा विभाग में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की तैयारी चल रही है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा में बताया कि स्कूलों की निगरानी और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हर 10 पंचायत पर एक सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 935 नए पदों का सृजन किया गया है। इन पदों पर बहाली के लिए बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार की प्राथमिकता 45 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति करना है। इसके बाद विशेष शिक्षकों की बहाली की जाएगी। फिर कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से परिचारी और लिपिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। अनुकंपा के आधार पर अब तक पांच हजार से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और समीक्षा के बाद और नियुक्तियां की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इन बड़े स्तर की नियुक्तियों से न सिर्फ सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर होगी बल्कि राज्य के युवाओं को भी रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले समय में स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में यह बहाली राज्य के विकास को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।