ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar news : फ्लाइओवर पर तेज रफ्तार से हादसा! दो युवकों की जान गई, सड़क पर लापरवाही ने मचाया कहर Summer Vacation in Himachal: भीड़ से दूर छिपी एक जादुई झील… जहां पहुंचते ही लगेगा जैसे किसी सपनों की दुनिया में आ गए हों IPL 2026 : ओपनिंग सेरेमनी रद्द, रंगारंग कार्यक्रम के बिना होगा धमाकेदार सीजन का आगाज! जानिए BCCI ने क्यों किया यह बदलाव ‘लंबे इंतजार के बावजूद भी नहीं मिल रहा LPG सिलेंडर…’, अब बुकिंग एजेंसी के पास जाकर किया हंगामा; लगाया यह आरोप IRCTC Down : अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ध्यान दें! IRCTC सेवाएं 26-27 मार्च को 5 घंटे तक रहेंगी डाउन, आखिरी समय की बुकिंग पर भारी असर! क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’? अब बड़े पर्दे पर सामने आएगी पूरी सच्चाई, विवेक अग्निहोत्री ने किया फिल्म का ऐलान Bihar crime news : पल्सर बाइक सहित युवक को किया आग के हवाले, पूरे गांव में सनसनी Bihar road project : मुंगेर-मिर्जा चौकी दो-लेन सड़क इस महीने तक होगी तैयार, जाम और ट्रैफिक की परेशानी होगी खत्म! दादी के साथ मंदिर गई बच्ची को किडनैप कर दरिंदगी… गंभीर हालत में पटना रेफर; जांच में जुटी पुलिस घर से बुलाया, फिर गोलियों से भून डाला… मकई के खेत में मिला युवक का शव, 48 घंटे में तीसरी हत्या से दहशत

Home / bihar / Bihar Education News: एक DEO और एक RDDE की किस्मत का फैसला...

Bihar Education News: एक DEO और एक RDDE की किस्मत का फैसला 3 महीने में...नौकरी जाएगी या बचेगी ? शिक्षा विभाग के दोनों अफसर हैं 'धनकुबेर'

Bihar Education News: भ्रष्टाचार और अकूत संपत्ति के आरोपों से घिरे शिक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई तेज हो गई है. अपर सचिव को 3 महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद नौकरी बचेगी या जाएगी, यह तय होगा.

23-Jan-2026 02:17 PM

By Viveka Nand

Bihar Education News: भ्रष्टाचार के आरोपी शिक्षा विभाग के दो अफसरों की नौकरी बचेगी या जाएगी, यह तीन महीने में तय हो जाएगी. शिक्षा विभाग ने तीन महीने का डेड लाइन तय कर दिया है. विभाग के अपर सचिव को यह जिम्मेदारी दी गई है कि तीन महीने में अपनी जांच रिपोर्ट दें. इन अधिकारियों में एक जिला शिक्षा पदाधिकारी हैं तो दूसरे क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक . दोनों के खिलाफ अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं. 

डीईओ के ठिकानों पर छापेमारी में मिले थे करोड़ों रू 

पश्चिम चंपारण के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के खिलाफ गंभीर आरोप हैं. विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी में अकूत संपत्ति, करोड़ों नकदी मिले थे. साथ ही जिले के सरकारी विद्यालयों में जलापूर्ति योजना में भ्रष्टाचार समेत कई आरोप हैं जो प्रथम दृष्टया प्रमाणित हैं. इनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई प्रति प्रारंभ की गई थी. संचालन पदाधिकारी से पहली रिपोर्ट सौंप दिया. इसके बाद अभिलेख पर उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा की गई. जिसमें कार्यवाही को आगे भी जांरी रखने का निर्णय लिया गया है. ऐसे में शिक्षा विभाग के अपर सचिव विजय कुमार को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. तीन महीनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है. 

आरडीडीई के खिलाफ भी शुरू हुई विभागीय कार्यवाही 

 वहींं, तिरहुत प्रमंडल के तत्कालीन क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक वीरेंद्र नारायण के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है. इनके खिलाफ सेवा काल में अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं. विशेष निगरानी इकाई ने इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया था. शिक्षा विभाग ने 12 सितंबर 2025 को इन्हें निलंबित किया था. अब इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलेगी. शिक्षा विभाग के अपर सचिव विजय कुमार को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. साथ ही यह निर्देश दिया गया है कि 3 माह के भीतर अनुशासनिक कार्रवाही समाप्त कर अपना जांच प्रतिवेदन दें.

आरडीडीई निकले थे बड़े धनकुबेर

बता दें, 11 सितंबर, 2025 की सुबह विजिलेंस की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तिरहुत प्रमंडल के आरडीडीई वीरेंद्र नारायण के कई ठिकानों पर छापेमारी की. पटना, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में छापेमारी हुई। वीरेंद्र नारायण पर तीन करोड़ 76 लाख रुपये से अधिक आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. इनके खिलाफ स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने अपने थाने में केस दर्ज किया.

डीईओ के ठिकानों से नोटों का पहाड़ मिला था

वहीं, बेतिया (पश्चिम चंपारण) के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रजनीकांत प्रवीण के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज कर छापेमारी हुई थी. विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने जनवरी 2025 में इनके ठिकानों से ₹3.55 करोड़ से अधिक की नकद और संपत्ति बरामद की थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित और फिर जेल भेज दिया गया था. वह 2005 बैच के बिहार शिक्षा विभाग के अधिकारी हैं।