तिरहुत बांध नहर निर्माण में दर्दनाक हादसा: रोड रोलर की चपेट में आया मासूम, मौके पर मौत कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा रेस्टोरेंट के बिल में छुपा ‘गैस चार्ज’? अब नहीं चलेगी मनमानी, ऐसे करें तुरंत शिकायत ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक सिकरहना नदी में दर्दनाक हादसा: शौच के दौरान फिसलकर डूबा 12 वर्षीय बालक, 6 घंटे बाद मिला शव देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि आरा सिविल कोर्ट धमाका केस में बड़ा फैसला: सभी दोषी बरी, फांसी की सजा भी रद्द रामनवमी के मौके पर पटना के कई इलाकों से डाकबंगला पहुंचेगी भव्य शोभा यात्रा, मंच पर नजर आएंगे टीवी के भगवान राम बिहार में गांजा की बड़ी खेप बरामद, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर फरार; गाड़ी मालिक पर केस दर्ज
07-Jan-2026 04:26 PM
By Viveka Nand
Bihar Bhumi: बिहार में बेपटरी हो चुके राजस्व कार्यों को पटरी पर लाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहे हैं. डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा प्रयास में जुटे हैं. इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखने लगे हैं. आमलोगों की सबसे अधिक शिकायत सीओ-डीसीएलआर के निर्णयों से होती है. विभागीय मंत्री के जन कल्याण संवाद के दौरान डीसीएलआर द्वारा दिए गए निर्णय पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इसके बाद अब डीसीएलआर पर नकेल कसने की तैयारी है. डिप्टी सीएम ने बजाप्ता सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं से स्पष्ट तौर पर बता दिया है.
जजमेंट की क्वालिटी होगी जांच
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा है कि निष्पादन की हड़बड़ी में जैसे–तैसे लिए गए निर्णयों की शिकायतें जनकल्याण संवाद के दौरान सामने आ रहीं हैं। इसे देखते हुए विभाग स्तर पर एक माइक्रो मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जा रहा है, जो जजमेंट की क्वालिटी की जांच करेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से बेहतर निर्णयों को आपस में साझा करने का आग्रह किया है, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ सके। उपमुख्यमंत्री ने विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल से कहा है कि टॉप 5 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की एक विशेष टीम बनाई जाए, जो कमजोर प्रदर्शन वाले अनुमंडलों में जाकर तेज निष्पादन सुनिश्चित करेगी।
उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि भूमि सुधार उप समाहर्ता विभाग की रीढ़ हैं . उनके पास पूरे अनुमंडल क्षेत्र की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि न्यायालय संबंधी कार्यों में अधिकतम समय देने से ही राजस्व प्रशासन की स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि उनके कार्यभार संभालने के बाद से लगातार हो रही समीक्षाओं का सकारात्मक असर कई अनुमंडलों में दिखाई देने लगा है। कई DCLR बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ अनुमंडलों में अब भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है।
मंगलवार को राज्यभर के भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के कार्यों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक पूरी तरह परिणाम आधारित थी, जिसमें लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए गए। उपमुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिया कि 15 जनवरी तक परिमार्जन प्लस के तहत लंबित सभी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने वाले अधिकारी पुरस्कृत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी को 31 जनवरी तक दाखिल–खारिज के सभी लंबित मामलों का निपटारा करने का भी आदेश दिया गया है। इन मामलों के निपटारे से किसानों के कागजात अपडेट हो सकेंगे और वे विभिन्न सरकारी सुविधाओं से लाभान्वित हो पाएंगे।