गैस संकट- बिजली दर वृद्धि और महिला हिंसा पर संयुक्त बैठक की मांग, माले ने गठबंधन को लिखा पत्र, कहा..जनसमस्या को लेकर करें आंदोलन India gas news : PNG कनेक्शन के बाद पुराना LPG चूल्हा कैसे करें कन्वर्ट? जानें आसान और सुरक्षित तरीका बिहार में भीषण सड़क हादसा: शिक्षिका समेत पांच लोग बुरी तरह से घायल, हादसे के बाद ड्राइवर फरार बिहार में भीषण सड़क हादसा: शिक्षिका समेत पांच लोग बुरी तरह से घायल, हादसे के बाद ड्राइवर फरार gold tagging rule : सोना खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका! सरकार बदलने जा रही नियम, अब यह कोड होगा अनिवार्य बिहार पुलिस का बड़ा एक्शन, CSP लूटकर भाग रहे बदमाशों को फिल्मी स्टाइल में दबोचा डायल 112 की टीम पर ONLINE घूस लेने और गाली देने का आरोप, स्मैकियर की सूचना देने पर पुलिस कर्मियों ने पीटा Bihar Weather : बिहार में मौसम का बदला मिजाज: 7 से 9 अप्रैल तक तेज हवा, बारिश और वज्रपात की चेतावनी, कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी बिहार में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के बाद भारी बवाल, गुस्साए लोगों ने थाने पर बोला हमला; राइफल की लूट BIHAR TEACHER NEWS : BPSC शिक्षकों की नौकरी पर संकट! जांच में बड़ा खुलासा, इतने लोगों का सेवा होगा समाप्त; शिक्षा माफिया के नेटवर्क का भी खुलेगा राज
05-Mar-2021 06:46 AM
PATNA : बिहार में शिक्षक बहाली को लेकर राज्य सरकार को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। राज्य में माध्यमिक शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। साल 2019 में ली गई एसटीईटी परीक्षा को चुनौती देते हुए रिएग्जाम के लिए हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका खारिज कर दी गई है। इसके साथ ही एसटीईटी के रिजल्ट पर लगाई हुई हाईकोर्ट की रोक भी हुई स्वतः खत्म हो गई है। पिछले साल सितम्बर माह में हुई एसटीईटी (2019) की पुनर्परीक्षा को कानूनी चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं को पटना हाईकोर्ट ने खारिज़ कर दिया।
गुरुवार को न्यायमूर्ति एहसानुद्दीन एमानुल्लाह की एकलपीठ ने आदित्य प्रकाश व अन्य की ओर से दायर रिट याचिका को खारिज़ करते हुए इस मामले में किसी भी कानूनी हस्तक्षेप करने से इनकार किया। गौरतलब है कि इसी मामले में बीते 26 नवम्बर को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एसटीईटी पुनर्परीक्षा के रिजल्ट पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दिया था। गुरुवार को इस रिट याचिका के खारिज़ होने के साथ ही पहले दी गई अदालती रोक भी स्वतः खत्म हो गयी। अब सूबे के माध्यमिक शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है पूरा मामला ?
याचिकाकर्ता ने दो बिंदुओं पर एसटीईटी की पुनर्परीक्षा परीक्षा को चुनौती दिया था। पहला विरोध ऑनलाइन परीक्षा को लेकर था तो दूसरा परीक्षा के सिलेबस तय नही होना बताया गया था। विद्यालय परीक्षा बोर्ड की तरफ से उनके वरीय अधिवक्ता और बिहार के महाधिवक्ता ने ललित किशोर ने बहस किया। उनका साथ बोर्ड के वकील ज्ञान शंकर ने दिया। बोर्ड की तरफ से याचिका की पुरजोर विरोध करते हुए कहा गया कि हाई स्कूल शिक्षकों को इतनी कम्प्यूटर दक्षता ज़रूर होनी चाहिए कि वो ऑनलाइन परीक्षा दे सकें। कोरोना महामारी का समय मे ऑनलाइन परीक्षा का कोई विकल्प नही था। सितम्बर 2020 में ऑनलाइन के जरिये हुई पुनर्परीक्षा में कोई गड़बड़ी की शिकायत नही है। सिलेबस के मुद्दे पर बोर्ड की दलील थी कि परीक्षा विज्ञापन में ही यह साफ किया गया था कि प्रश्न उच्चतर माध्यमिक सिलेबस तक के पूछे जाएंगे। हाईकोर्ट ने बोर्ड के दलीलों को मंज़ूर करते हुए रिट याचिका को खारिज कर दिया।