BEGUSARAI: साढ़े 7 कट्ठा जमीन के लिए वरुण चौधरी की हत्या, CCTV फुटेज से मामले का हुआ खुलासा पिस्टल से फायरिंग करते वीडियो सामने आने पर दानिश रिजवान ने दी सफाई, कहा..20 लाख रंगदारी नहीं दिये तब AI जेनरेटेड फर्जी क्लिप कर दिया वायरल काम पर नहीं लौटने वाले अंचलाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, रिटायर CO को कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा बहाल तिरहुत बांध नहर निर्माण में दर्दनाक हादसा: रोड रोलर की चपेट में आया मासूम, मौके पर मौत कानून को ठेंगा! मांझी के सबसे करीबी ने पुलिस से पिस्टल लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, RJD ने वीडियो जारी कर सरकार को घेरा रेस्टोरेंट के बिल में छुपा ‘गैस चार्ज’? अब नहीं चलेगी मनमानी, ऐसे करें तुरंत शिकायत ए नीतीश जी, बिहार छोड़के काहे जात बानी..2030 तक रहे के बा, भोजपुर में बुजुर्ग और युवक ने मुख्यमंत्री को कर दिया भावुक सिकरहना नदी में दर्दनाक हादसा: शौच के दौरान फिसलकर डूबा 12 वर्षीय बालक, 6 घंटे बाद मिला शव देश के किसी भी व्यक्ति को वंदे मातरम से नफरत नहीं होनी चाहिए, छात्रावास के निरीक्षण के बाद बोले मंत्री लखिन्द्र कुमार रौशन Pradosh Vrat 2026: मार्च का आखिरी सोम प्रदोष व्रत कब? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि
08-Jan-2022 09:27 AM
PATNA : राजधानी पटना के बेउर जेल में लाख मशक्कत के बावजूद आपत्तिजनक सामान पहुंचाए जाने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है. जेल की सुरक्षा को लेकर उसके आसपास बनाए गए मकानों का निर्माण तोड़ने तक का आदेश जारी कर दिया गया लेकिन इसके बावजूद जेल में मादक पदार्थ समेत अन्य आपत्तिजनक सामान पहुंचाए जा रहे हैं.
शुक्रवार की सुबह बेउर जेल में हुई छापेमारी के दौरान यह बात एक बार फिर से साबित हो गई. बेउर जेल से गांजा बरामद होने के बाद सुरक्षा में तैनात एक महिला सुरक्षाकर्मी और एक पुरुष सुरक्षा कर्मी को निलंबित कर दिया गया है.
दरअसल, शुक्रवार की सुबह सवेरे सदर एसडीओ फुलवारी एएसपी के अलावा चार अन्य डीएसपी और चार थानेदारों की टीम ने एक साथ जेल पर छापेमारी की थी. छापेमारी में बीएमपी के 100 जवानों को लगाया गया था. इस दौरान बेऊर जेल का चप्पा चप्पा खंगाल डाला गया. इस बड़ी छापेमारी के दौरान गांजा की पुड़िया के साथ-साथ मेमोरी कार्ड बरामद किया गया. जेल की चहारदीवारी के पास ही गाजा फेंका हुआ मिला. इसके बाद दो सुरक्षाकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है.
बेउर जेल की सुरक्षा हमेशा से प्रशासन के लिए चुनौती रहा है. समय-समय पर यहां जिला प्रशासन की तरफ से छापेमारी भी की जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद मादक पदार्थो समेत अन्य सामान जेल के अंदर पहुंचाने का सिलसिला जारी है. जेल प्रशासन यह कहता रहा है कि बेउर जेल के आसपास जिन भवनों का निर्माण कराया गया है, उनका इस्तेमाल जेल के अंदर आपत्तिजनक सामान पहुंचाने के लिए होता है.