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02-Mar-2026 07:15 PM
By HARERAM DAS
BEGUSARAI: अभी तक आपने पुरुष को फर्जी पुलिस कर्मी बनकर वसूली करते देखा होगा। आज हम आपको एक फर्जी महिला दारोगा के बारे में बताने जा रहे हैं। जो वर्दी का धौंस दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठने का काम करती थी। वर्दी पहनकर और निशु कुमारी के नाम का नेम प्लेट लगाकर वह वसूली के लिए इलाके में घूमा करती थी।
इस महिला दारोगा का दबदबा इलाके में कायम था। किसी को पता नहीं था कि वह फर्जी दारोगा है। लोग उससे भय खाते थे। पैसा नहीं देने वालों को वह भद्दी-भद्दी गालियां देती थी और सलाखों के पीछे पहुंचाने की धमकी दिया करती थी। उसकी इस दबंगई से लोग परेशान हो गये थे। इसकी हरकतों से परेशान लोगों ने इस बात की शिकायत मुफ्फसिल थाने की पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की।
लोगों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तब मामला सही पाया गया। वह लगातार लोगों से पैसे ठग रही थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फर्जी महिला दारोगा को वर्दी और अन्य सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया। महिला को वर्दी में देख असली पुलिसवाले भी हैरान रह गये। गिरफ्तार फर्जी महिला दारोगा की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के संत नगर निवासी कजोमा कुमारी के रूप में हुई है।
जिसने वर्दी के नेम प्लेट पर अपना नाम निशु कुमार लिख रखा था। पुलिस ने जब महिला को गिरफ्तार किया और पूछताछ की तब उसने अपना जुर्म स्वीकार किया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। फर्जी महिला दारोगा की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। जब इस बात की जानकारी लोगों को हुई कि वो कोई दारोगा नहीं थी बल्कि फर्जी दारोगा बनकर लोगों को लूटने का काम करती थी। इलाके के लोग उससे परेशान थे, लेकिन जब पता चला कि वो नकली पुलिस बनकर लोगों को चूना लगा रही थी।
बैंक पासबुक पर दर्ज पते के अनुसार वह मटिहानी थाना क्षेत्र के खोरमपुर वार्ड-6 स्थित छितरौर की रहने वाली है और विपिन सिंह की पुत्री बताई जाती है। पुलिस के अनुसार, कजोमा कुमारी लंबे समय से खुद को ‘निशु कुमारी’ नाम से सब-इंस्पेक्टर बताती थी। उसने अपने नाम की नेम प्लेट, पुलिस की वर्दी और अन्य संबंधित साजो-सामान भी तैयार कर रखे थे। वर्दी पहनकर वह इलाके में रौब झाड़ती थी और लोगों को अपने प्रभाव में लेकर ठगी करती थी। बताया जा रहा है कि वह कई लोगों से अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे वसूल चुकी है।
रिटायर्ड बीएसएफ कर्मी से भी की वसूली
ठगी के शिकार हुए बीएसएफ के रिटायर्ड कर्मी नंदकिशोर चौधरी ने बताया कि महिला कैलाश साह के मकान में किराए पर रहती थी और अक्सर आसपास दिखती थी। उन्होंने बताया, “कुछ दिन पहले उसने जरूरत बताकर 10 हजार रुपये मांगे। पहले हमने 5 हजार दिए, फिर कुछ दिन बाद 5 हजार और दिए। इसके बाद 500 रुपये भी लिए। लगा कि किसी मजबूरी में होगी, पैसा मिलने पर लौटा देगी। उन्होंने आगे बताया कि एक रात महिला ने फोन कर रोते हुए कहा कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है और अस्पताल में भर्ती है, मदद की जरूरत है। हालांकि इस बार उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया।
मकान मालिक ने खोला राज
मकान मालिक कैलाश साह ने बताया कि तीन-चार महीने पहले महिला उनके मकान में रहने आई थी। उसने कहा था कि उसका पति आर्मी में है और वह खुद जिला कोर्ट में पोस्टेड है। लेकिन जब से वह आई, तब से किराया तक नहीं दिया।सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग घर पर पहुंचकर अपने पैसे की मांग करने लगे। लोगों ने उस पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया और पुलिस का आईडी कार्ड दिखाने की मांग की। इसी दौरान खुलासा हुआ कि वह पुलिस में कार्यरत नहीं है, बल्कि पूरी तरह फर्जी है। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छापेमारी कर महिला को वर्दी, नेम प्लेट और अन्य सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद महिला ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि महिला ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल राशि कितनी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और पद की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।