तेजस्वी की हार पर मांझी ने कसा तंज, कहा..पैसा लेकर टिकट बेचिएगा तब विधायक मोबाइल ऑफ नहीं करेंगे तो क्या करेंगे मुजफ्फरपुर में किशोर को गोली मारने वाला जीतन राय गिरफ्तार, गोल्ड लूट कांड में भी था वांटेड नवादा में मेला देखने गये बच्चे को लगी गोली, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती वैशाली पहुंचे थाईलैंड के 300 बौद्ध भिक्षु, विश्व शांति के लिए की विशेष प्रार्थना बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA की जीत पर रोहित कुमार ने जनता का जताया आभार, तेजस्वी यादव पर साधा निशाना बिहार में NDA ने सारी सीटें जीती: BJP कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल, जयश्री राम के लगे नारे राज्यसभा चुनाव के नतीजे आधिकारिक तौर पर जारी, नीतीश कुमार और नितिन नबीन को 44 विधायकों का मिला वोट उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की अपील का असर, करीब 300 राजस्व अधिकारी हड़ताल छोड़ काम पर लौटे नालंदा में 17 हजार रुपये घूस लेते शिक्षक गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथ दबोचा Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद
28-Mar-2025 08:51 AM
By KHUSHBOO GUPTA
Bihar News: बिहार के औरंगाबाद से एक दिलचस्प खबर सामने आई है। कोर्ट ने 38 साल पहले हुए एक अपहरण के केस में फैसला सुनाया है। औरंगाबाद के प्रधान जिला जज एवं जिला सत्र न्यायाधीश राजकुमार-1 ने गुरुवार (27 मार्च, 2025) को 38 साल पहले हुए एक अपहरण मामले में दो अभियुक्तों को 7 साल जेल की सजा सुनाई है।
यह मामला हसपुरा थाने की कांड संख्या-13/87 से जुड़ा हुआ है। लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि जिला जज ने हसपुरा के जैतपुर निवासी अभियुक्त अजय सिंह एवं विजय सिंह को धारा 364/34 के तहत 7 साल की सजा सुनाई है साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर 1 साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में आठ चश्मदीद गवाहों की गवाही हुई थी। अपहरण के मामले में जैतपुर गांव के रहने वाले राजकुमार सिंह ने हसपुरा थाने में 16 फरवरी 1987 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप पत्र न्यायालय में 26 अप्रैल 1987 को प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्तों पर आरोप का गठन 10 अगस्त 1989 को हुआ था। इस मामले में अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि दोनों अभियुक्तों को 22 मार्च 2025 को दोषी ठहराया गया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि अभियुक्त 65 और 70 साल के बुजुर्ग हैं और यह अपराध उनका पहला अपराध था। इतना ही नहीं ट्रायल के दौरान दोनों लंबी अवधि तक जेल में बंद रहे हैं। ऐसी स्थिति में इनकी उम्र का ख्याल करते हुए इन्हें कम से कम सजा दी जाए। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि पांच वर्ष के लड़के के अपहरण के अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा सुनाई जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रधान जिला जज ने दोनों को 7 साल की सजा सुनाई।