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06-Jan-2026 08:23 AM
By First Bihar
NHAI bypass project : औरंगाबाद शहर में ओवरब्रिज के पास प्रतिदिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नई बाइपास योजना तैयार की है। यह योजना पहले की गई बाइपास एलाइनमेंट की जगह बनाई गई है, जिसे भूमि अधिग्रहण की अत्यधिक लागत के कारण स्थगित कर दिया गया था। नई योजना के तहत लगभग 19 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड बाइपास बनाई जाएगी, जिसके लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
एनएचएआई के अधिकारी के अनुसार, नई बाइपास खैरी मोड़ से शुरू होकर मंजुराही, रायपुरा और पवई गांवों से होती हुई भरकुर गांव के पास NH-139 से जुड़ेगी। बाइपास का यह मार्ग नगर परिषद क्षेत्र के बाहर होगा, जिससे शहरी यातायात पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा, और भारी वाहनों के गुजरने से रोजाना लगने वाले जाम में बड़ी राहत मिलेगी।
पहली एलाइमेंट लगभग 9 किलोमीटर लंबी थी, जिसका डीपीआर एनएचएआई नई दिल्ली को भेजा गया था। उस योजना की अनुमानित लागत लगभग 835 करोड़ रुपये थी, जिसमें 490 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और 345 करोड़ रुपये सड़क निर्माण पर खर्च होने थे। भूमि अधिग्रहण की अधिक लागत के कारण यह योजना स्थगित कर दी गई थी। अब दूसरी नई एलाइनमेंट का डीपीआर तैयार हो चुका है और इसे एनएचएआई को भेजा जाएगा। जिस डीपीआर को एनएचएआई स्वीकृति देगा, उसी पर आगे काम शुरू किया जाएगा।
वर्तमान में ओवरब्रिज के पास भारी वाहनों जैसे ट्रक, हाइवा और ट्रेलर के गुजरने से लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे ओवरब्रिज से रामाबांध बस स्टैंड तक और जीटी रोड पर टोयोटा शोरूम तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ओवरब्रिज के सर्विस रोड पर भी जाम की स्थिति रोजाना देखने को मिलती है। नई बाइपास बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और शहरवासियों को यातायात की राहत मिलेगी।
इसके पहले शहरी क्षेत्र में प्रस्तावित बाइपास के लिए नहर रोड का विकल्प भी देखा गया था। यह रोड जीटी रोड स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने से प्रारंभ होकर चतरा मोड़ के पास NH-139 तक जाती है। तत्कालीन डीएम सौरभ जोरवाल और श्रीकांत शास्त्री ने इसका निरीक्षण कर इसे बाइपास बनाने का प्रस्ताव पथ निर्माण विभाग को भेजा था। हालांकि, सड़क का अधिकांश हिस्सा नगर परिषद क्षेत्र में आने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
एनएचएआई की कंसल्टेंट कंपनी ने शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने के लिए नई एलाइनमेंट तैयार की है। इस योजना के लागू होने से न केवल ओवरब्रिज के पास के जाम में कमी आएगी, बल्कि शहर के प्रवेश मार्ग पर वाहनों का प्रवाह भी सुचारू होगा। शहरवासियों को लंबे समय से प्रतीक्षित यह बाइपास योजना अब वास्तविकता की ओर बढ़ रही है।
कुल मिलाकर, औरंगाबाद में ओवरब्रिज जाम की समस्या को दूर करने के लिए यह नई 19 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड बाइपास महत्वपूर्ण साबित होगी। भूमि अधिग्रहण के बाद सड़क निर्माण शुरू होगा और शहरवासियों को यातायात में सुगमता मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।