Bihar budget 2026 : पटना में बनेगा शिप रिपेयर सेंटर, बजट 2026 में बिहार को और क्या मिला? जानें पूरी जानकारी Union Budget 2026: नए बजट में क्या हुआ सस्ता-महंगा ? आज से इन चीजों के बढ़ेंगे दाम, देखें पूरी लिस्ट Budget 2026 : निर्मला सीतारमण ने बताया, इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं; सरकार इन कामों पर दे रही अधिक ध्यान New tax rules : इनकम टैक्स एक्ट 2025: नए नियम 1 अप्रैल 2026 से होंगे लागू, रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा घोषित; मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर छूट Budget 2026 : भारत में आयुर्वेद के लिए खुलेंगे तीन नए AIIMS,आयुष फार्मेसी सुधार और मेडिकल टूरिज्म के लिए नई पहल India Budget 2026 : दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर और 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद का ऐलान, 5 रीजनल मेडिकल हब भी बनाए जाएंगे; जहाज मरम्मत सुविधा की भी घोषणा बजट 2026: राष्ट्रीय जलमार्ग से जुड़ेगा पटना, बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एलान; सी-फ्लेन योजना और आत्मनिर्भर भारत निधि में 2000 करोड़ का टॉपअप Budget 2026 : बायो फार्मा और सेमी कंडक्टर पर सरकार का बड़ा टारगेट..', निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में MSME पर ख़ास जोड़; टेक्सटाइल सेक्टर को भी बूस्टर Union Budget 2026 : निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बजट, 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट रखी, आत्मनिर्भर भारत पर जोर; जॉब, किसान और आम आदमी पर फोकस... Ayushman Bharat Yojana : केंद्रीय बजट 2026: रिकॉर्ड 9वीं बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी बजट, इन 5 बड़ी घोषणाओं पर टिकी नजर
01-Dec-2025 06:24 PM
By mritunjay
Bihar News: बिहार के बहुचर्चित पुलिस बर्बरता मामले में अरवल की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए डीएसपी कृति कमल, करपी थानाध्यक्ष उमेश राम सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार पांडेय की अदालत ने यह कार्रवाई की है। मामला करपी थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, प्रदेश राजद सचिव रामाशीष सिंह रंजन और जिला मुखिया संघ अध्यक्ष अभिषेक रंजन की बहू तनीषा सिंह ने डीएसपी एवं अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों में महिला के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाना, क्रूरता, अनैतिक दबाव और आपराधिक साजिश जैसी बातें शामिल हैं।
तनीषा सिंह का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। पीड़ित पक्ष का मामला लड़ रहे अधिवक्ता आयुष रंजन और अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद न्यायालय ने आरोपी अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि अदालत का यह आदेश कानून के सामने सभी की समान जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत होगा।
मामले के बाद अब अरवल में सबसे बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है—जब आरोपी स्वयं पुलिस अधिकारी हों तो उनकी गिरफ्तारी कौन करेगा? आम नागरिकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होते ही पुलिस तुरंत छापेमारी शुरू कर देती है, जबकि इस मामले में लोगों की नजरें अरवल के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार पर टिकी हैं कि वह क्या कार्रवाई करेंगे।
क्या आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी आम अभियुक्तों की तरह होगी या फिर वे अपने पद और प्रभाव के कारण बच निकलेंगे—यह चर्चा अब जिले में प्रमुख जन-विमर्श का विषय बन गई है। जनता का कहना है कि जब कानून लागू करने वाला ही कानून तोड़े, तो न्याय का मार्ग कौन सुरक्षित करेगा?