PATNA: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बचपन में जिस गुरू ने चॉक पकड़ा कर क, ख, ग...लिखना सिखाया वे 60 साल बाद फिर मिल गये हैं. अपने पहले गुरू का टेलीफोन नंबर मिला तो पासवान ने उनसे बात की. गुरू से बात कर भावुक हो उठे रामविलास पासवान अब उनसे मिलने पटना पहुंच रहे हैं.
समस्तीपुर के कन्हैया लाल हैं पासवान के पहले गुरू
समस्तीपुर जिले के नरहर के रहने वाले कन्हैया लाल रामविलास पासवान के पहले गुरू हैं. उन्होंने ही पासवान को चॉक थमाकर बोर्ड पर लिखना सिखाया था. आज रामविलास पासवान के फुफेरे भाई ने उन्हें कन्हैयालाल जी का मोबाइल नंबर दिया. पासवान ने तुरंत अपने गुरू से बात की. अपने पहले गुरू से बात कर भावुक हो उठे रामविलास पासवान कल ही उनसे मिलने पटना पहुंच रहे हैं. पासवान ने खुद ट्वीटर पर अपनी भावनाओं को शेयर किया है. उन्होंने कहा कि अपने पहले गुरू से बात कर उन्हें जितनी खुशी हो रही है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है.
60 साल बाद अपने पहले गुरू से बात कर भावुक हो उठे रामविलास पासवान
PATNA: केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बचपन में जिस गुरू ने चॉक पकड़ा कर क, ख, ग...लिखना सिखाया वे 60 साल बाद फिर मिल गये हैं. अपने पहले गुरू का टेलीफोन नंबर मिला तो पासवान ने उनसे

