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370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में सबसे ज्यादा चर्चे में हैं ये 2 महिला अफसर

DESK : जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद घाटी के हालात चुनौतीपूर्ण हैं। सुरक्षा एजेंसियों से लेकर स्थानीय प्रशासन के लिए घाटी में हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखना सबसे अहम टास्क

FirstBihar
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DESK : जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद घाटी के हालात चुनौतीपूर्ण हैं। सुरक्षा एजेंसियों से लेकर स्थानीय प्रशासन के लिए घाटी में हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखना सबसे अहम टास्क है लेकिन क्या आपको पता है कि घाटी के मौजूदा हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखने में दो महिला अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई है। जम्मू कश्मीर में काम कर रही इन दोनों महिला अधिकारियों की चर्चा इन दिनों खूब हो रही है। आईएएस अधिकारी डॉ सईद सहरीश असगर और आईपीएस अधिकारी पीडी नित्य वह दोनों महिला अधिकारी हैं। दरअसल केंद्र सरकार ने जब जम्मू कश्मीर से धारा 370 और आर्टिकल 35A हटाए जाने का फैसला लिया तो स्थानीय प्रशासन के कंधों पर जिम्मेदारी थी कि वह घाटी में हालात को सामान्य बनाए रखें। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के 4 दिन पहले आईएएस अधिकारी डॉ सैयद सेहरीश असगर को राज्य प्रशासन का सूचना निदेशक नियुक्त किया गया था। असगर के कंधों पर यह जिम्मेदारी थी कि वह सरकारी योजनाओं के बारे में घाटी के लोगों को जागरूक करें लेकिन धारा 370 हटाए जाने के बाद असगर के कंधों पर वह जवाबदेही आ गई जिसकी कल्पना उन्होंने नहीं की थी। असगर घाटी के उन लोगों की मदद कर रही हैं जो टेलीफोन और मोबाइल लाइन बंद होने के कारण अपने रिश्तेदार हो और घर वालों से संपर्क नहीं कर पा रहे। असगर घाटी में क्राइसिस मैनेजर की भूमिका में दिख रही हैं मेडिकल लाइन से आईएएस अधिकारी तक का सफर तय करने वाली असगर मानती हैं कि घाटी में हालात बेहद संवेदनशील है लिहाजा शक्ति के साथ नरमी भी बेहद जरूरी है। आईपीएस अधिकारी पीडी नित्य छत्तीसगढ़ से आती हैं। कभी कॉरपोरेट सेक्टर में जॉब करने वाली नित्या केमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है। फिलहाल वह श्रीनगर के नेहरू पार्क SDPO के तौर पर पोस्टेड हैं। 370 हटाए जाने के बाद श्रीनगर सबसे संवेदनशील जगहों में से एक है। आईपीएस नित्य के कंधों पर आम लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ वीवीआइपी सिक्योरिटी को बनाए रखने की भी जवाबदेही है। वह दिन रात एक करके काम कर रहीं। पीके नित्य हिंदी के अलावा कश्मीरी और तेलुगू भाषा में भी पकड़ रखती हैं। इसका उन्हें फायदा भी मिलता है कई बार जब घाटी के लोग गुस्साए होते हैं तो पीके नित्य कश्मीरी भाषा में उनसे संवाद करती हैं। धारा 370 हटाए जाने के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के नामों की चर्चा तो लगातार हो रही लेकिन घाटी में काम कर रही इन दो महिला अधिकारियों की चर्चा भी अब जोर पकड़ने लगी है।
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