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370 खत्म होने के बावजूद नहीं टूटी 78 दिन पुरानी चुप्पी, मोदी सरकार से खौफ़ में तो नहीं कन्हैया?

DESK : लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से हार के बाद कन्हैया कुमार पिछले 78 दिनों से सोशल मीडिया पर चुप हैं। 23 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद कन्हैया ने ट्वीट करते हुए देशवासियों को बधाई दी

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DESK : लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से हार के बाद कन्हैया कुमार पिछले 78 दिनों से सोशल मीडिया पर चुप हैं। 23 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद कन्हैया ने ट्वीट करते हुए देशवासियों को बधाई दी थी। इसके ठीक तीन दिन बाद कन्हैया ने 26 मई को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से आखिरी ट्वीट किया उसके बाद कन्हैया का ट्विटर से मोहभंग दिख रहा है। कन्हैया के ऑफिशियल फेसबुक पेज का भी हाल कुछ ऐसा ही है। 30 मई को कन्हैया ने नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन के साथ वाली तस्वीर अपने फेसबुक पेज पर शेयर की थी लेकिन उसके बाद उन्होंने इस प्लेटफार्म पर भी कोई पोस्ट शेयर नहीं किया है। अब ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या लोकसभा चुनाव में हार के बाद कन्हैया सदमे में हैं? चुनाव नतीजे आने के पहले तक कन्हैया सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सक्रिय लोगों में शामिल हुआ करते थे। उन्होंने बेगूसराय में ना केवल गिरिराज सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा बल्कि हर बार वह सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आक्रामक दिखे। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले पर भी कन्हैया कुमार की चुप्पी नहीं टूटी। कन्हैया ने इस मामले पर ना तो कोई ट्वीट किया और ना ही केंद्र सरकार के फैसले पर किसी तरह की राय जाहिर की। कन्हैया की चुप्पी एक बड़ा सवाल यह खड़ा कर रही कि क्या वाकई केंद्र में मोदी सरकार की वापसी के बाद कन्हैया खौफ में हैं? क्या कन्हैया को इस बात का डर सता रहा है कि मोदी सरकार के फसलों की खुलेआम आलोचना करना उनपर भारी पड़ सकता है।
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