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Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को किस समय बांधें राखी? जानें.. शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और मंत्र

Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को रक्षा बंधन मनाया जाएगा। जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, पंचक, चौघड़िया, राखी बांधने की विधि और भाई की कलाई पर राखी बांधते समय बोले जाने वाले मंत्र की पूरी जानकारी।

Raksha Bandhan 2026
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।



इस साल 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को रक्षा बंधन मनाया जाएगा। सावन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण और पंचक को लेकर लोगों के मन में राखी बांधने के शुभ समय को लेकर सवाल हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में ग्रहण का रक्षा बंधन पर कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।



हालांकि, 28 अगस्त को पूरे दिन पंचक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में पंचक के दौरान राखी बांधने पर रोक नहीं बताई गई है। इसके अलावा राखी बांधते समय राहुकाल का भी ध्यान रखा जाता है। आइए जानते हैं 28 अगस्त को राखी बांधने के शुभ मुहूर्त और अन्य जरूरी जानकारी।



पंचक कब से कब तक रहेगा?

पंचांग के अनुसार, पंचक 27 अगस्त को दोपहर 1:35 बजे शुरू हो चुका है और 1 सितंबर की सुबह 3:24 बजे तक रहेगा। यह पंचक गुरुवार से शुरू हुआ है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, अग्नि पंचक को भाई-बहन के इस त्योहार के लिए बाधक नहीं माना जाता।



राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त

28 अगस्त 2026, शुक्रवार को रक्षा बंधन के दिन राखी बांधने का सबसे उत्तम शुभ समय सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक बताया गया है।



28 अगस्त को राहुकाल का समय

रक्षा बंधन के दिन राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस अवधि में राखी बांधने से बचना चाहिए।



राहुकाल रहित राखी बांधने के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:39 बजे से 6:20 बजे तक

प्रातः संध्या: सुबह 6:00 बजे से 7:02 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 1:24 बजे से 2:19 बजे तक

विजय मुहूर्त: शाम 4:08 बजे से 5:03 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: रात 8:41 बजे से 9:02 बजे तक

सायाह्न संध्या: रात 8:41 बजे से 9:43 बजे तक

अमृत काल: शाम 4:14 बजे से 5:53 बजे तक



रक्षा बंधन पर राखी बांधने के चौघड़िया मुहूर्त

लाभ चौघड़िया: सुबह 7:33 बजे से 9:10 बजे तक

अमृत चौघड़िया: सुबह 9:10 बजे से 10:46 बजे तक

शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:22 बजे से 1:58 बजे तक

चर चौघड़िया: शाम 5:11 बजे से 6:47 बजे तक


राखी बांधते समय इस मंत्र का करें जाप

राखी बांधते समय इस प्रसिद्ध पौराणिक मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है:

"येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥"


मंत्र का अर्थ

इस मंत्र का अर्थ है कि जिस रक्षासूत्र से शक्तिशाली दानवराज बलि को बांधा गया था, उसी रक्षासूत्र से भाई को बांधा जा रहा है। हे रक्षासूत्र, तुम स्थिर रहो, अपने कर्तव्य से कभी विचलित न हो और सदैव रक्षा करो।



राखी बांधने की सही विधि

राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर रोली और अक्षत (चावल) का तिलक लगाएं और आरती उतारें। इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।



डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई धार्मिक और ज्योतिष संबंधी जानकारियों को पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का दावा नहीं किया गया है। अलग-अलग पंचांग और ज्योतिषीय मतों में समय में अंतर हो सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ या स्थानीय पंचांग से सलाह जरूर लें।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता