ब्रेकिंग
नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानक

नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, लोगों से घर में ही पर्व मनाने की अपील

PATNA : लोक आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत आज नहाय खाय के साथ हो गई है. चैती छठ 16 अप्रैल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा. यह पर्व चार दिन तक चलता है. छठ महापर्व की शुरुआत नहाय

नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, लोगों से घर में ही पर्व मनाने की अपील
First Bihar
2 मिनट

PATNA : लोक आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत आज नहाय खाय के साथ हो गई है. चैती छठ 16 अप्रैल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा. यह पर्व चार दिन तक चलता है. छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के दिन से होती है. आस्था का महापर्व छठ साल में दो बार मनाया जाता है. यह पर्व चैत्र माह में और कार्तिक माह में मनाया जाता है.


आज यानी 16 अप्रैल को चतुर्थी तिथि के दिन नहाय-खाय किया जाएगा. वहीं, 17 अप्रैल दिन शनिवार को पंचमी तिथि में लोहंडा या खरना होगा. इस दिन छठ व्रती पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम में गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाकर सूर्य देव की पूजा करने के बाद इसी प्रसाद के साथ कुछ खाया जाता है.


18 अप्रैल को षष्ठी तिथि को शाम में छठ व्रती नदी और तालाब तट पर पहुंचकर सूर्य देवता को अर्घ्य देंगे. फिर 19 अप्रैल सप्तमी तिथि को सुबह नदी और तालाब के तट पर पहुंचकर उगते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाएगा. इस व्रत को करने के नियम इतने कठिन होते हैं कि इसी वजह से इसे महापर्व और महाव्रत के नाम से जाना जाता है.


हालांकि इस साल भी बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने छठव्रतियों को पटना के घाटों तलाबों में छठ अर्घ्य नहीं देने की हिदायत दी है. लोगों से घर पर ही छठ व्रत मनाने की अपील की गई है. 

टैग्स