ब्रेकिंग
CM सम्राट चौधरी के सचिव लोकेश कुमार सिंह को हार्ट अटैक, IGIMS के ICU में एडमिटसम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी IGIMS में एडमिट, मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पटना में ब्लैकआउट के बीच बड़ी वारदात: मसाला कारोबारी की सिर में गोली मारकर हत्याNo Vehicle Day: बिहार के इस जिले में हर शुक्रवार रहेगा ‘नो व्हीकल डे’, पैदल या साइकिल से ऑफिस पहुंचेंगे अधिकारीदिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: अब हफ्ते में दो दिन सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम, प्राइवेट सेक्टर को भी एडवाइजरी जारीCM सम्राट चौधरी के सचिव लोकेश कुमार सिंह को हार्ट अटैक, IGIMS के ICU में एडमिटसम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी IGIMS में एडमिट, मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पटना में ब्लैकआउट के बीच बड़ी वारदात: मसाला कारोबारी की सिर में गोली मारकर हत्याNo Vehicle Day: बिहार के इस जिले में हर शुक्रवार रहेगा ‘नो व्हीकल डे’, पैदल या साइकिल से ऑफिस पहुंचेंगे अधिकारीदिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: अब हफ्ते में दो दिन सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम, प्राइवेट सेक्टर को भी एडवाइजरी जारी

KHARMAS 2024: इस दिन से शुरू हो रहा है खरमास, एक महीने तक नहीं बजेगी शहनाई; जानिए.. क्या करें, क्या ना करें

KHARMAS 2024: 16 दिसंबर, 2024 से खरमास का प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। खरमास लगभग एक माह तक रहेगा और 14 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा। इस बीच विवा

KHARMAS 2024: इस दिन से शुरू हो रहा है खरमास, एक महीने तक नहीं बजेगी शहनाई; जानिए.. क्या करें, क्या ना करें
Mukesh Srivastava
2 मिनट

KHARMAS 2024: 16 दिसंबर, 2024 से खरमास का प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। खरमास लगभग एक माह तक रहेगा और 14 जनवरी, 2025 को समाप्त होगा। इस बीच विवाह समेत अन्य सभी मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। 


खरमास में क्या करें क्या ना करें:

खरमास में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। पूजा-पाठ, दान-पुण्य, जप, तप आदि धार्मिक कार्य करने के लिए खरमास का समय शुभ माना जाता है। खरमास में तीर्थ यात्रा करना भी शुभ माना जाता है। खरमास में गरीबों को अन्न, वस्त्र, धन का दान करना पुण्यदायी माना जाता है।


धार्मिक कार्यों में दें अधिक समय

खरमास आध्यात्मिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान व्यक्ति को धार्मिक कार्यों में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। खरमास में भगवान विष्णु की पूजा और तुलसी की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। सूर्य देव को अर्घ्य देना और सूर्य मंत्रों का जाप करना शुभ होता है। गुरु, ब्राह्मण और संन्यासियों की सेवा करना भी पुण्यदायी माना जाता है।


खरमास का महत्व:

खरमास को आध्यात्मिक विकास के लिए एक सुनहरा अवसर माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति धार्मिक कार्यों में लिप्त होकर अपने आध्यात्मिक स्तर को ऊंचा उठा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो उसकी स्थिति कमजोर हो जाती है। इसलिए इस अवधि में मांगलिक कार्यों को वर्जित माना जाता है।

टैग्स

संबंधित खबरें