1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 18 Aug 2025 10:14:18 AM IST
गणेश चतुर्थी 2025 - फ़ोटो GOOGLE
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का त्योहार हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष, भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त दोपहर 01:54 बजे से प्रारंभ होकर 27 अगस्त दोपहर 03:44 बजे समाप्त होगी। इसलिए, गणेश चतुर्थी 2025 का मुख्य पर्व 27 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की स्थापना के लिए मध्याह्न काल (सुबह 11:05 से दोपहर 01:40 तक) को सबसे शुभ माना गया है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इसी समय भगवान गणपति का जन्म हुआ था।
देशभर खासकर महाराष्ट्र और गुजरात में इस पर्व को बड़ी धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया जाता है। भक्त गणपति की स्थापना कर दस दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और उत्सव के दौरान चारों ओर “गणपति बप्पा मोरिया” की गूंज सुनाई देती है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी के दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनमें शुभ योग, शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग शामिल हैं, जो इस त्योहार को और भी पावन और विशेष बनाते हैं। साथ ही, इस दिन हस्त और चित्रा नक्षत्र का भी संयोग होगा, जो धार्मिक दृष्टि से बेहद लाभकारी माना जाता है।
गणेश स्थापना की विधि में सबसे पहले एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर जल, चावल, फूल लेकर व्रत का संकल्प लेना होता है। इसके बाद ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराना, नए वस्त्र और आभूषण पहनाना, मोदक, लड्डू, दूर्वा घास, लाल फूल और सिंदूर अर्पित करना आवश्यक होता है। अंत में परिवार के सभी सदस्यों के साथ आरती कर भक्तिभाव से पूजा संपन्न की जाती है।
गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर होता है, जो इस वर्ष 6 सितंबर को है। इस दिन भक्त गणपति की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं और अगले वर्ष उनके फिर से आने की प्रार्थना करते हैं। इस प्रकार, गणेश चतुर्थी 2025 न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो समृद्धि, खुशहाली और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहार के दौरान पूरे भारत में खासकर महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, और तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर भव्य आयोजन होते हैं, जिनमें भक्त गणपति की आराधना और झांकियां निकालकर आनंद मनाते हैं।