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Bihar Investment : बिहार में निवेशकों के लिए बड़ा अवसर, मुख्य सचिव से बिना अपॉइंटमेंट मिलें, हर सप्ताह इस दिन होगी उद्योग वार्ता

बिहार सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्योग वार्ता’ शुरू की। निवेशक हर गुरुवार मुख्य सचिव से मिलकर समस्याओं का त्वरित समाधान पा सकेंगे।

Bihar Investment : बिहार में निवेशकों के लिए बड़ा अवसर, मुख्य सचिव से बिना अपॉइंटमेंट मिलें, हर सप्ताह इस दिन होगी उद्योग वार्ता
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Investment : बिहार सरकार ने राज्य में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई पहल की शुरुआत की है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने ‘उद्योग वार्ता’ नामक इस कार्यक्रम की शुरुआत की। यह पहल निवेशकों को सीधे शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।


मुख्य सचिव ने बताया कि प्रत्येक गुरुवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक निवेशक बिना किसी अपॉइंटमेंट के सीधे उनसे मिल सकते हैं। इस बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता और ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह भी उपस्थित रहेंगे।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘उद्योग वार्ता’ गंभीर निवेशकों के लिए सीधे संवाद का मंच बनेगी। सरकार हर जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और यदि आवश्यक हुआ तो नीतियों में तुरंत संशोधन भी किया जाएगा। उनका कहना था कि बिहार अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी तेजी से प्रगति कर रहा है।


इस पहल का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को त्वरित समाधान, मार्गदर्शन और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना है। ‘उद्योग वार्ता’ के पहले ही दिन कई बड़े देश-विदेश के निवेशकों ने बिहार में निवेश की अपनी रुचि जताई। इन निवेशकों का कहना था कि वे राज्य में औद्योगिक माहौल बनाकर पलायन की समस्या को कम करना चाहते हैं और ‘बिहार वापसी’ को सार्थक बनाना चाहते हैं। वॉशिंगटन डीसी से जुड़े टेंसर एनालिटिक्स के संस्थापक किसलय सिंह ने डेटा इंटीग्रेशन क्षेत्र में निवेश करने की इच्छा जाहिर की।


यूएसए स्थित टाइगर एनालिटिक्स के सीईओ महेश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि एआई और डिजिटल तकनीक की बढ़ती मांग को देखते हुए बिहार को एक तकनीकी हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा एविसेज सर्विस प्रा लिमिटेड के सीईओ हर्षवर्धन कुमार, ब्रांड रणनीतिकार सचिन भारद्वाज, डालमिया सीमेंट के कॉरपोरेट मामलों के प्रमुख राजेश कुमार, मुंबई स्थित सीलिंक फायर सेफ्टी एलएलपी के सीईओ सुशील के सिंह और जेनेसिस कंपनी के गितेश विश्वास ने भी राज्य में निवेश की प्रतिबद्धता जताई।


मुख्य सचिव ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि बिहार सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि बैठक पटना एयरपोर्ट के पास स्थित वायुयान संगठन निदेशालय में आयोजित की जाएगी, ताकि बाहरी निवेशकों को सुविधा हो। इस पहल के माध्यम से राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और निवेशक अपने सुझाव और समस्याओं को सीधे शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।


बिहार अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं बल्कि आधुनिक तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से उभरता हुआ राज्य बनता जा रहा है। इस पहल के जरिये राज्य में औद्योगिक माहौल मजबूत होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बाहरी निवेशकों के लिए बिहार एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरेगा। उद्योग और तकनीकी क्षेत्र में यह पहल बिहार की विकास यात्रा में नए आयाम जोड़ने वाली साबित होगी।