ब्रेकिंग
सीवान में आर्केस्ट्रा डांसर के साथ सामूहिक दुष्कर्म, चार युवकों के खिलाफ FIR दर्जदरभंगा एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटाबिहार की सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, गडकरी से मिले सम्राट चौधरीएक विवाह ऐसा भी: फेसबुक-इंस्टाग्राम से शुरू हुई प्रेम कहानी, अलीशा ने जोगेंद्र संग लिए सात फेरे'May I Help You' बना मजाक! जमुई स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सोते मिले पुलिसकर्मी, वंदे भारत के गुजरने के बाद भी नहीं खुली नींद सीवान में आर्केस्ट्रा डांसर के साथ सामूहिक दुष्कर्म, चार युवकों के खिलाफ FIR दर्जदरभंगा एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, लैंडिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान का टायर फटाबिहार की सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, गडकरी से मिले सम्राट चौधरीएक विवाह ऐसा भी: फेसबुक-इंस्टाग्राम से शुरू हुई प्रेम कहानी, अलीशा ने जोगेंद्र संग लिए सात फेरे'May I Help You' बना मजाक! जमुई स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान सोते मिले पुलिसकर्मी, वंदे भारत के गुजरने के बाद भी नहीं खुली नींद

सूर्य के बाद इस महीने लगने जा रहा है 2022 का पहला चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल की स्थिति

DESK : साल का पहला चंद्रग्रहण 16 मई 2022 दिन सोमवार लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 08 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 23 मिनट रहेगा. बता दें सोमवार को वैशाख पूर्णिमा को

सूर्य के बाद इस महीने लगने जा रहा है 2022 का पहला चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल की स्थिति
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DESK : साल का पहला चंद्रग्रहण 16 मई 2022 दिन सोमवार लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 08 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 23 मिनट रहेगा. बता दें सोमवार को वैशाख पूर्णिमा को लगने वाला है. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. इस दिन चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. साल का पहला चंद्र ग्रहण विशाखा नक्षत्र में लगेगा. 


जानकारी हो कि इस महीने का यह दूसरा ग्रहण होगा. इसी महीने में अमावस्या को सूर्यग्रहण लगा था और अब पूर्णिमा को चंद्रग्रहण लग रहा है. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ माना गया है. यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा तथा इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा. इस ग्रहण की कोई भी धर्मशास्त्रीय मान्यता एवं सूतक वेध का प्रतिबंध नहीं होगा.


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण में गंगा स्नान से सौ अश्वमेघ यज्ञ और चंद्रग्रहण में गंगा स्नान से एक हजार वाजस्नेय यज्ञ के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है. इसीलिए ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान और घरों में इसका छिड़काव करना चाहिए.

टैग्स