ब्रेकिंग
बिहार में मौसम बिगाड़ सकता है आजादी के जश्न का मजा, स्वतंत्रता दिवस पर 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टघूस लेने के मामले में सहरसा के पूर्व राजस्व कर्मचारी को 2 साल की सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई कहीं ऐसा तो नहीं कि नीतीश कुमार जैसी दिमागी हालत.. डिप्टी सीएम पर क्या बोल गईं रोहिणी आचार्य? भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत17 अगस्त को विधायक पद की शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, बांकीपुर में बदलाव के नए दौर की शुरुआतबिहार में मौसम बिगाड़ सकता है आजादी के जश्न का मजा, स्वतंत्रता दिवस पर 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टघूस लेने के मामले में सहरसा के पूर्व राजस्व कर्मचारी को 2 साल की सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई कहीं ऐसा तो नहीं कि नीतीश कुमार जैसी दिमागी हालत.. डिप्टी सीएम पर क्या बोल गईं रोहिणी आचार्य? भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत17 अगस्त को विधायक पद की शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, बांकीपुर में बदलाव के नए दौर की शुरुआत

सूर्य के बाद इस महीने लगने जा रहा है 2022 का पहला चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल की स्थिति

DESK : साल का पहला चंद्रग्रहण 16 मई 2022 दिन सोमवार लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 08 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 23 मिनट रहेगा. बता दें सोमवार को वैशाख पूर्णिमा को

सूर्य के बाद इस महीने लगने जा रहा है 2022 का पहला चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल की स्थिति
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

DESK : साल का पहला चंद्रग्रहण 16 मई 2022 दिन सोमवार लग रहा है. भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 08 बजकर 59 मिनट से सुबह 10 बजकर 23 मिनट रहेगा. बता दें सोमवार को वैशाख पूर्णिमा को लगने वाला है. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. इस दिन चंद्रमा लाल रंग में नजर आएगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. साल का पहला चंद्र ग्रहण विशाखा नक्षत्र में लगेगा. 


जानकारी हो कि इस महीने का यह दूसरा ग्रहण होगा. इसी महीने में अमावस्या को सूर्यग्रहण लगा था और अब पूर्णिमा को चंद्रग्रहण लग रहा है. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को अशुभ माना गया है. यह चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा तथा इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा. इस ग्रहण की कोई भी धर्मशास्त्रीय मान्यता एवं सूतक वेध का प्रतिबंध नहीं होगा.


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण में गंगा स्नान से सौ अश्वमेघ यज्ञ और चंद्रग्रहण में गंगा स्नान से एक हजार वाजस्नेय यज्ञ के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है. इसीलिए ग्रहण के बाद गंगाजल से स्नान और घरों में इसका छिड़काव करना चाहिए.

टैग्स