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Kharmas 2024: जानें शुभ कार्यों पर रोक और पूजा का महत्व

सनातन धर्म में खरमास को एक महत्वपूर्ण अवधि माना गया है, जो साल में दो बार आती है। इस अवधि के दौरान मांगलिक कार्य जैसे शादी, सगाई, गृह प्रवेश, और नए व्यवसाय का आरंभ नहीं किया जाता, क्योंकि यह समय शु

Kharmas 2024: जानें शुभ कार्यों पर रोक और पूजा का महत्व
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सनातन धर्म में खरमास को एक महत्वपूर्ण अवधि माना गया है, जो साल में दो बार आती है। इस अवधि के दौरान मांगलिक कार्य जैसे शादी, सगाई, गृह प्रवेश, और नए व्यवसाय का आरंभ नहीं किया जाता, क्योंकि यह समय शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। खरमास एक माह तक चलता है, और इसे धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए उत्तम समय माना जाता है।


क्या खरमास में नए कपड़े पहन सकते हैं?

खरमास के दौरान नए कपड़े खरीदने और पहनने की मनाही होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस अवधि में कोई भी नई चीज का उपयोग करना अशुभ होता है। जिन लोगों ने पहले से कपड़े खरीद रखे हैं, उन्हें भी इस समय उन्हें पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।


धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम समय

हालांकि खरमास के दौरान सभी मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं, यह समय पूजा-पाठ और सूर्य देव की आराधना के लिए अत्यधिक शुभ माना गया है।


खरमास 2024 की अवधि

आरंभ: 15 दिसंबर, 2024 (रविवार), रात 10:19 बजे।

समाप्ति: 14 जनवरी, 2025 (मंगलवार), जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे।


सूर्य देव की पूजा का महत्व और मंत्र

खरमास के दौरान सूर्य देव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। नियमित अर्घ्य देने और मंत्रों का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्राप्त होती है।


सूर्य देव के अर्घ्य मंत्र

ॐ आदित्याय नमः

ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात।

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर।


खरमास के बाद शुरू होंगे शुभ कार्य

खरमास समाप्त होने के बाद, सभी शुभ कार्य 14 जनवरी, 2025 से पुनः शुरू होंगे। इस दिन से विवाह, गृह प्रवेश, और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।खरमास का समय मांगलिक कार्यों से बचने और आत्मचिंतन व धार्मिक कार्यों में संलग्न होने का होता है। इस अवधि में सूर्य देव की पूजा से व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि आती है।