‘1000 रुपये लेकर महिलाएं कौन से सूरमा पैदा कर देंगी?’ कांग्रेस विधायक के बयान पर मचा बवाल

पंजाब में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की योजना पर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की विवादित टिप्पणी से सियासी बवाल मच गया। महिला आयोग ने नोटिस जारी कर 12 मार्च तक जवाब मांगा है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 5:26:32 PM

पंजाब न्यूज

महिला आयोग ने जारी किया नोटिस - फ़ोटो सोशल मीडिया

PUNJAB: पंजाब सरकार द्वारा बजट पेश करते समय महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा की गई। इस घोषणा पर कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा की एक टिप्पणी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोशल मीडिया पर वायरल सुखपाल सिंह खैरा का बयान सदन में पढ़कर सुनाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी।” 


दरअसल, खैरा ने आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा महिलाओं को हर माह 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा पर यह टिप्पणी की थी। खैरा के इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत मान और सरबजीत कौर अपनी सीटों पर खड़ी होकर इसका विरोध करने लगीं, जिससे सदन में हंगामा शुरू हो गया। 


विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने खैरा का यह बयान नहीं देखा है, लेकिन यदि उन्होंने ऐसा कहा है तो वे इसकी ओर से क्षमा मांगते हैं और इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी की महिला विधायकों ने कहा कि यह बयान माफी के योग्य नहीं है और इसे जनता के बीच भी उठाया जाएगा।


महिला विधायकों ने सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला बढ़ता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया गया। वहीं, महिला आयोग ने भी खैरा के खिलाफ नोटिस जारी किया है, और 12 मार्च तक जवाब देने को कहा है।


महिला आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर स्वत संज्ञान लिया है। इस वीडियो में कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा पर महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। आयोग ने एसएसपी कपूरथला को एसपी रैंक के अधिकारी के माध्यम से तत्काल जांच कर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही आयोग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और सुखपाल सिंह खैरा को 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।


इस बीच सुखपाल सिंह खैरा ने एक और वीडियो जारी कर कहा कि वह अब भी अपनी बात पर कायम हैं और उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। उनका कहना है कि यदि आम आदमी पार्टी को पंजाब की महिलाओं की इतनी ही चिंता थी तो यह 1000 रुपये की योजना सरकार के पहले बजट में लागू की जानी चाहिए थी, न कि चुनावी साल के अंत में। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान वोट हासिल करने के लिए यह ड्रामा कर रहे हैं।


खैरा ने कहा कि यदि सरकार सच में गंभीर है तो महिलाओं के खातों में पिछले चार वर्षों के 48 हजार रुपये एक साथ जमा किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि 1000 रुपये से परिवारों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। उनके अनुसार पंजाब की महिलाएं नशे की समस्या से मुक्ति चाहती हैं। वे चाहती हैं कि उनके पति और बेटे घर से बाहर जाएं तो सुरक्षित वापस लौटें और किसी हिंसा या गोलीबारी का शिकार न हों। महिलाएं गैंगस्टरों से छुटकारा और अपने बच्चों के लिए रोजगार के अवसर भी चाहती हैं।