ब्रेकिंग
धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....

BJP विधायक की समधन मुखिया का चुनाव हारीं, पंचायत चुनाव में जनता ने दिया झटका

SITAMARHI : बिहार में पंचायत चुनाव भले ही पॉलिटिकल लाइन पर नहीं हो रहा हो लेकिन इसके बावजूद कई माननीय ऐसे हैं जो अपने परिवार और रिश्तेदारों को पंचायत चुनाव में जीत दिलवाने के लिए लगे हुए हैं. सीताम

BJP विधायक की समधन मुखिया का चुनाव हारीं, पंचायत चुनाव में जनता ने दिया झटका
Mukesh Srivastava
2 मिनट

SITAMARHI : बिहार में पंचायत चुनाव भले ही पॉलिटिकल लाइन पर नहीं हो रहा हो लेकिन इसके बावजूद कई माननीय ऐसे हैं जो अपने परिवार और रिश्तेदारों को पंचायत चुनाव में जीत दिलवाने के लिए लगे हुए हैं. सीतामढ़ी के रीगा से बीजेपी विधायक मोतीलाल प्रसाद भी अपनी समधन सुरती देवी को मुखिया बनवाना चाहते थे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई. आज आ रहे चुनाव परिणाम में विधायक के समधन मुखिया पद का चुनाव हार गई. विधायक की समधन ने रीगा प्रखंड के गणेशपुर बभंगामा पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ा था. लेकिन उन्हें 386 वोट से हार का सामना करना पड़ा.


बिहार में आज आठवें चरण की मतगणना चल रही है. राज्य के 36 जिलों के 55 प्रखंडों में 2 दिन पहले जो मतदान हुई थी, उसकी वोटों की गिनती आज हो रही है. सीतामढ़ी में स्थानीय विधायक की समधन की हार राजनेताओं को लगने वाला है कोई पहला झटका नहीं है. इसके पहले भी पंचायत चुनाव के दौरान कई दिग्गज अपने करीबी लोगों को जीत दिलाने में असफल साबित हुए हैं.

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें