ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

शराबबंदी को सफल बनाने के लिए केके पाठक एक बार फिर संभाला पदभार, नीतीश ने एक बार फिर जताया भरोसा

PATNA:इस वक्त की सबसे बड़ीखबर पटना से आ रही है। जहां केके पाठक ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव का पदभार 18 नवम्बर यानी आज पदभार संभाल लिया है। <

शराबबंदी को सफल बनाने के लिए केके पाठक एक बार फिर संभाला पदभार, नीतीश ने एक बार फिर जताया भरोसा
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA:इस वक्त की सबसे बड़ीखबर पटना से आ रही है। जहां केके पाठक ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के अपर मुख्य सचिव का पदभार 18 नवम्बर यानी आज पदभार संभाल लिया है। 


आपको बता दें कल शाम को ही केके पाठक को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया था। इससे पहले चैतन्य प्रसाद अपर मुख्य सचिव गृह विभाग के पास था मद्य निषेध विभाग का अतिरिक्त प्रभार।


बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले भरोसा करते हुए शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा केके पाठक को दिया था। अब एक बार फिर उन्हीं बड़ी भूमिका दी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौंटे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक को राज्य सरकार ने निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया है।


केके पाठक इसके पहले भी इस विभाग में योगदान दे चुके हैं। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद साल 2016 में केके पाठक को यह जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन बाद में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। अब एक बार फिर केके पाठक के कंधे पर बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा होगा।


राज्य सरकार की तरफ से जो अधिसूचना जारी की गई है उसके मुताबिक केके पाठक को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद अब अपर मुख्य सचिव निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग पटना के पद पर पदस्थापित किया गया है। अब तक इस विभाग का प्रभार चैतन्य प्रसाद के पास था अब उन्हें अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।


1990 बैच के आईएएस अधिकारी केके पाठक बेहद सख्त मिजाज के माने जाते हैं। बिहार में शराबबंदी लागू करने के बाद नीतीश कुमार ने इन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी थी। तब बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने केके पाठक के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद केके पाठक ने उन्हें लीगल नोटिस तक भेज दिया था।


बिहार सरकार ने इसके अलावे आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार झा को मणिपुर कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। जबकि आईएएस अधिकारी संजय कुमार सिंह को प्रबंध निदेशक बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वे स्वास्थ्य विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं।


टैग्स
इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें