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सरयू राय के लिए प्रचार नहीं करेंगे नीतीश कुमार, अटकलों को किया खारिज

PATNA : रांची में बैठकर कल जदयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह ये दावा कर रहे थे कि अगर जरूरत पड़ी तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने मित्र सरयू राय के लिए चुनाव प्रचार कर

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PATNA : रांची में बैठकर कल जदयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह ये दावा कर रहे थे कि अगर जरूरत पड़ी तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुराने मित्र सरयू राय के लिए चुनाव प्रचार करने आयेंगे. लेकिन पटना में मुख्यमंत्री ने ऐसी संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. नीतीश ने सरयू राय के लिए चुनाव प्रचार करने की बात को नकार दिया है.


नीतीश बोले-मेरी क्या जरूरत
पटना में आज पत्रकारों ने नीतीश से सवाल पूछा-सरयू राय के लिए कब चुनाव प्रचार करने जा रहे हैं. सवालों से बचते हुए नीतीश अपनी गाड़ी में बैठे और फिर बोला-मेरी वहां क्या जरूरत है. यानि नीतीश कुमार ने झारखंड के मुख्यमंत्री के खिलाफ बागी उम्मीदवार बन कर चुनाव लड़ रहे सरयू राय का प्रचार की संभावना को सीधे तौर पर खारिज कर दिया. हालांकि कल उनके करीबी और जदयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह रांची में ये दावा कर चुके थे कि अगर सरयू राय ने कहा तो नीतीश कुमार उनका चुनाव प्रचार करने आ सकते हैं. ललन सिंह ने ये भी कहा था कि सरयू राय के समर्थन में जदयू उस सीट से कोई उम्मीदवार नहीं देगा.


नीतीश के पुराने मित्र हैं सरयू राय
सरयू राय नीतीश कुमार के पुराने मित्र हैं. बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के वक्त उनकी नजदीकी काफी बढ़ी थी. इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वालों में सरयू राय भी शामिल थे. वहीं नीतीश कुमार और उनके सिपाहसलार ललन सिंह भी यही लड़ाई लड़ रहे थे. इसके बाद झारखंड का बंटवारा हुआ लेकिन नीतीश और सरयू राय की नजदीकी कायम रही. सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी दोनों की नजदीकी झलकती रही. 


भाजपा की ज्यादा नाराजगी मोलने का खतरा नहीं उठा सकते नीतीश
सरयू भाजपा नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं. वे बीजेपी के मुख्यमंत्री के खिलाफ बागी उम्मीदवार बन कर खड़े हैं. उनके प्रचार का सीधा मतलब यही निकलता कि नीतीश भाजपा नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं. झारखंड में जदयू का प्रचार करना अलग मसला है लेकिन भाजपा के बागी के लिए प्रचार करना अलग मैसेज देता. लिहाजा नीतीश ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया.