ब्रेकिंग
विवादित बयान पर घिरे पप्पू यादव: क्यों न आपकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की अनुसंशा की जाए? महिला आयोग ने मांगा जवाबमोतिहारी में बूढ़ी गंडक नदी में बड़ा हादसा, तेज बहाव में बहे 5 लोग; 2 की डूबने से मौतनीतीश कुमार ने चुना JDU विधानमंडल दल का नेता, पार्टी के पुराने साथी पर जताया विश्वासबिहार के इस जिले में 60 भू-माफिया पर शिकंजा: जमीन कब्जा करने वालों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी, ED तक पहुंचेगी लिस्टभारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा हुई सख्त, 11 संदिग्धों की एंट्री के इनपुट पर बढ़ाई गई चौकसीविवादित बयान पर घिरे पप्पू यादव: क्यों न आपकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की अनुसंशा की जाए? महिला आयोग ने मांगा जवाबमोतिहारी में बूढ़ी गंडक नदी में बड़ा हादसा, तेज बहाव में बहे 5 लोग; 2 की डूबने से मौतनीतीश कुमार ने चुना JDU विधानमंडल दल का नेता, पार्टी के पुराने साथी पर जताया विश्वासबिहार के इस जिले में 60 भू-माफिया पर शिकंजा: जमीन कब्जा करने वालों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी, ED तक पहुंचेगी लिस्टभारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट: रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा हुई सख्त, 11 संदिग्धों की एंट्री के इनपुट पर बढ़ाई गई चौकसी

'घोर बेईज्जती.. 24 घंटे भी नहीं हुए और चाचा जी पोस्टर-विज्ञापन से आउट', रोहिणी आचार्य का तंज

Bihar Politics: रोहिणी आचार्य ने बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद नीतीश कुमार की तस्वीर हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला और इसे घोर बेइज्जती बताया है.

Bihar Politics
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नई सरकार के शपथ ग्रहण के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक सरकारी विज्ञापन का पोस्टर साझा करते हुए इसे ‘घोर बेइज्जती’ बताया और आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में नीतीश कुमार को धीरे-धीरे हाशिए पर धकेला जा रहा है।


रोहिणी आचार्य ने लिखा कि इस्तीफे के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए और नीतीश कुमार की तस्वीर सरकारी पोस्टरों और विज्ञापनों से गायब कर दी गई है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले उन्हें डर था कि नीतीश कुमार नाराज न हो जाएं, इसलिए उन्हें ‘छत्रछाया’ में दिखाया जा रहा था, लेकिन जैसे ही उन्होंने इस्तीफा दिया, वही लोग अब उनकी तस्वीर से दूरी बनाने लगे हैं।


उन्होंने नीतीश कुमार की मौजूदा स्थिति की तुलना ‘कैच-22’ जैसी कठिन परिस्थिति से की, जिससे निकलना लगभग असंभव होता है। रोहिणी ने एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए लिखा— “दुविधा में दोनों गए, माया मिली न राम।” उनके अनुसार, नीतीश कुमार ने भरोसे के साथ सत्ता सौंप दी, लेकिन अब न उन्हें पहले जैसा सम्मान मिलेगा और न ही सत्ता में वैसी पकड़ रह जाएगी।


इससे पहले भी रोहिणी आचार्य ने नई सरकार के गठन पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि पार्टी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एक ‘घुमंतू’ चेहरा मिला है, जिसका इशारा सम्राट चौधरी की ओर माना गया था।


अपने एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि 46 वर्षों के बाद भी भाजपा बिहार में नेतृत्व की कमी से जूझ रही है। न तो पार्टी अपने दम पर सरकार बना पाई है, न मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर पाई है और न ही व्यापक जनसमर्थन वाला नेता तैयार कर सकी है। उनके इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें