Bihar News: बिहार की राजनीति में आज शनिवार को उस समय हलचल पैदा हो गई, जब जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व नीतीश कुमारके सबसे भरोसेमंद रहे आरसीपी सिंह की पूर्व सीएम के घऱ में एंट्री हुई। रामचंद्र प्रसाद सिंह की गाड़ी नीतीश कुमार के आवास में घुसते ही राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई. दावा किया जा रहा है कि आरसीपी सिंह आधे घंटे से अधिक समय तक नीतीश कुमार के 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहे. चर्चा है कि नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच अलग से कोई बातचीत नहीं हुई है.
आरसीपी सिंह के साथ नालंदा के रहने वाले बिपीन यादव भी साथ थे. नीतीश कुमार से मिलने दोनों एक ही गाड़ी से गए थे. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ आरसीपी सिंह और बिपीन यादव की तस्वीर भी दिख रही है. बताया जाता है कि नालंदा के रहने वाले बिपीन यादव दो दिन पूर्व नीतीश कुमार से मिल चुके हैं. जानकार बताते हैं कि आरसीपी सिंह की आज की एंट्री बिपीन यादव ने ही कराई है. वैसे लंबे समय से जेडीयू का एक धड़ा आरसीपी सिंह की जेडीयू में एंट्री को लेकर प्रयासरत्त था. पूर्व सीएम के आवास में आरसीपी सिंह की एंट्री तो हुई पर जेडीयू में वापसी होगी इस पर संशय है.
नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान हॉल में ही आरसीपी सिंह के समर्थक पार्टी में ज्वाइन कराने की मांग करने लगे. कहने लगे आज ही आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी कराई जाय. इसके बाद नीतीश कुमार ने अपने दो विश्वस्त सहयोगी संजय गांधी और ललन सर्राफ को जिम्मा दिया. कहा कि दोनों पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष से बात करेंगे और ज्वाइनिंग पर विचार करेंगे. इस तरह से आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी की बात को आगे के लिए टाल दिया गया. इसके बाद आरसीपी सिंह निकल गए। कुछ ही देर के बाद 9 बजकर 3 मिनट पर डिप्टी सीएम विजय चौधरी पूर्व सीएम के आवास पहुंचे.
नीतीश कुमार के आवास से निकलने के बाद आरसीपी सिंह ने एक तस्वीर पोस्ट की है. जिसमें उनके साथ बिपीन यादव भी दिख रहे हैं. वे नीतीश कुमार से दूरी पर दिखाई पड़ रहे. नीतीश कुमार के नजदीक नालंदा के बिपीन यादव दिखाई पड़ रहे. तस्वीर पोस्ट कर आरसीपी सिंह ने लिखा, ''आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ,जनता दल (यूनाइटेड)के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद, हमारे नेता आदरणीय नीतीश बाबू से भेंट हुई। उनसे बात चीत हुई। मुलाक़ात बहुत आत्मीय रही।''
बता दें, आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। लेकिन केंद्र में मंत्री बनने के बाद दोनों के रिश्तों में दूरी बढ़ी और अंततः उन्हें जदयू छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अलग राजनीतिक दल भी बनाया, लेकिन बिहार की राजनीति में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके। पिछले कुछ महीनों से आरसीपी सिंह नीतीश कुमार के प्रति अपना स्नेह दिखाते रहे हैं। लगातार यह कहते रहे हैं कि, नीतीश कुमार और उनके परिवार से उनके व्यक्तिगत रिश्ते कभी खत्म नहीं हुए। वह हाल ही में पूर्व सीएम के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी नजर आए थे।





