PATNA: भोजपुर जिले में हुए बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर पर न्यायिक जांच चल रही है। इस बीच बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पटना में मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित था, है और आगे भी रहेगा। जो अपराधी अपराध करेगा उसको बख्शा नहीं जाएगा।
भरत एनकाउंटर मामले पर मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच शुरू हो गयी है। बहुत जल्द दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और जो भी इसमें संलिप्त होंगे वो बख्शें नहीं जाएंगे। बिहार में कानून व्यवस्था नियंत्रण में है। मीडिया ने पूछा कि क्या अपराधियों का एनकाउंटर जारी रहेगा? मीडिया के इस सवाल का जवाब देते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकार डरती है क्या? पुलिस को चैलेंज कीजिएगा और पुलिस पर फायरिंग कीजिएगा तब पुलिस चुपचाप बैठेगी तो नहीं।
उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ मुद्दा ही नहीं है। विपक्ष अपना कार्यकाल वाला दिन याद कर रहा है। जहां पहले लूट, हत्या, चोरी, छिनछोड़ी, अपहरण सब कुछ होता था। लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी और एनडीए का शासन है। कानून व्यवस्था दुरुस्त है और आगे भी रहेगा। जो कानून हाथ में लेगा वह बख्शा नहीं जाएगा।
अयोध्या में राम भगवान के मंदिर में चोरी पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर से पैसा अगर चोरी चला गया तो इससे दुखदायी बात और कुछ भी नहीं हो सकता है। अब लोग राम भगवान को भी नहीं बख्शेंगे तो किसको बख्शेंगे। इसके खिलाफ सरकार ने बहुत जबरदस्त एक्शन लिया है। जो लोग भी दोषी हैं उनको बख्शा नहीं जाएगा।
वही पटना में बने नये शवदाह गृह में शव को जलाने के लिए पैसे लिये जाने पर रामकृपाल यादव ने कहा कि पटना में शवदाह गृह अच्छे ढंग से निर्मित किये गये हैं। सरकार ने नये स्वरुप दिया है। पहले भी शव को जलाने में पैसा लगता था और आज भी दाह संस्कार के लिए पैसा लग रहा है।
बता दें कि भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद उसे पांच गोलियां मारी गईं। परिजनों की शिकायत पर शाहपुर थाने में तत्कालीन एसडीपीओ, तत्कालीन थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी के पास अवैध हथियार था और वह सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन एवं पुलिस को लगातार धमकी दे रहा था। पुलिस ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताया था।





