1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 27 Jun 2025 09:37:37 PM IST
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Bihar Politics: पटना स्थित आवास 01 पोलो रोड में इंडिया महागठबंधन के नेताओं के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा कि बिहार में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण की घोषणा चुनाव आयोग के द्वारा की गई है, यह बैकडोर एनआरसी है। उन्होंने कहा कि यह युवा मतदाताओं को डराने का प्रयास है। वीआईपी ने कहा कि EC दरवाज़े पर बारात खड़ी करके दुल्हन ढूंड रहा है।
देव ज्योति ने कहा कि कागज का फेरा लगा के वोटिंग रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकता अधिनियम के अनुसार, मतदाताओं को यह घोषित करना होगा कि क्या वो 1 जुलाई, 1987 से पहले भारत में पैदा हुए थे। ऐसे में उन्हें अपनी जन्म तिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने के लिए 11 दस्तावेजों की सूची में से चुनना होगा।
अगर वो 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2012 के बीच भारत में पैदा हुए तो उन्हें अपने पिता या माता के लिए सूचीबद्ध दस्तावेज भी प्रदान करने होंगे। अगर वे 2 दिसंबर, 2004 के बाद पैदा हुए हैं, तो उन्हें अपने और अपने माता-पिता के जन्म तिथि और जन्म स्थान का प्रमाण देना होगा। माता-पिता में से कोई एक गैर भारतीय है तो उन्हें अपने जन्म के समय मां-बाप के वैध पासपोर्ट और वीज़ा की एक कॉपी देनी होगी।