ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

Governor Rajendra Arlekar: ‘सत्याग्रह की वजह से नहीं बल्कि हथियार देखकर भारत से भागे थे अंग्रेज’ गोवा में बोले राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर

PATNA: बिहार के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर (Bihar Governor Rajendra Arlekar) ने शुक्रवार को गोवा (Goa) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासकों (British ruler) ने

Governor Rajendra Arlekar: ‘सत्याग्रह की वजह से नहीं बल्कि हथियार देखकर भारत से भागे थे अंग्रेज’ गोवा में बोले राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर (Bihar Governor Rajendra Arlekar) ने शुक्रवार को गोवा (Goa) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासकों (British ruler) ने सत्याग्रह (Satyagraha) की वजह से भारत नहीं छोड़ा था बल्कि तब छोड़ा था, जब लोगों के हाथ में हथियार देखे थे।


दरअसल, बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर गोवा के दौरे पर हैं। गोवा में एक कार्यक्रम को संबोधित करने के दौरान राज्यपाल ने कहा कि ब्रिटिश शासकों ने सत्याग्रह की वजह से नहीं बल्कि भारत के लोगों के हाथ में हथियार देखकर भारत छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों को इस बात का एहसास हो गया था कि लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।


राज्यपाल ने कहा कि अब समय आ गया है कि बिना डरे इतिहास के बारे में सही परिपेक्ष्य सामने लाए जाएं। भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद ने एक कहानी गढी थी कि आप गुलाम बनने के लिए पैदा हुए हैं। तत्कालीन सरकार ने भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने आनंदिता सिंह द्वारा लिखी पुस्तक “भारत के उत्तर पूर्व में स्वतंत्रता संग्राम का संक्षिप्त इतिहास (1498 से 1947)” पर यह टिप्पणी की थी।


उन्होंने आगे कहा कि गोवा की खोज क्या है? अगर हम इसे सामने लाने की कोशिश करते हैं तो गोवा में कुछ लोग परेशान हो जाते हैं, उन्हें दर्द होता है। क्या हमें नहीं बताना चाहिए कि आफकी जड़ें क्या हैं। राज्यपाल ने कहा कि हमें किसी से डरे बिना अपनी बात कहनी होगी।

रिपोर्ट- फर्स्ट बिहार/ झारखंड, पटना





इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें