ब्रेकिंग
बिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपकमला नदी में प्लास्टिक से लिपटा मिला अधेड़ का शव, हाथ-पैर बंधे होने की आशंका; पहचान में जुटी पुलिसबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपकमला नदी में प्लास्टिक से लिपटा मिला अधेड़ का शव, हाथ-पैर बंधे होने की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

रामविलास की आ रही बायोग्राफी, शहरबन्नी से संसद तक की है पूरी कहानी

PATNA: लालू प्रसाद के बाद अब केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की बायोग्राफी जल्द ही आने वाली है. इसमें रामविलास के शहरबन्नी से लेकर संसद तक पहुंचने की कहानी हो

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PATNA: लालू प्रसाद के बाद अब केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की बायोग्राफी जल्द ही आने वाली है. इसमें रामविलास के शहरबन्नी से लेकर संसद तक पहुंचने की कहानी होगी. इसके लेखक प्रदीप श्रीवास्तव हैं.

पढ़ाई से लेकर राजनीतिक की चर्चा

किताब में रामविलास के बचपन, अनेक कठिनाइयों को पारकर हुई उनकी शिक्षा-दीक्षा और उनके निजी जीवन से जुड़े अन्य तथ्यों के साथ आधी सदी से ज्यादा के राजनीतिक करियर का लेखाजोखा रखा गया. किताब में उनके दिए गए कई इंटरव्यू का भी लिया गया है. बताया जा रहा है कि इसमें एक साधारण से परिवार से आनेवाले राम विलास पासवान जिन्होंने अपने जीवन में देश की अहम राजनीतिक घटनाओं में हिस्सा लिया। इसके अलावे उनके परिवार के बारे में भी कई बातें इस किताब में होगी. 

दलितों का हमेशा रखा ख्याल

बायोग्राफी लिखने वाले प्रदीप श्रीवास्तव कहते हैं कि पासवान देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं जिन्होंने दलित-पीड़ित जनता और हाशिए पर रहे लोगों के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया. वे जिस भी विभाग में रहे उनकी नीतियों के केंद्र में दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के हित व उनका विकास उनकी प्राथमिकता रही है. ये साधारण बात नहीं है कि हाजीपुर ने उन्हें कई-कई बार लोकसभा में चुनकर भेजा.