ब्रेकिंग
भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपभरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप

‘राजभवन और शिक्षा विभाग में टकराव टालने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करे सरकार’ सुशील मोदी की मांग

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राजभवन और शिक्षा विभाग के बीच लंबे समय से जारी टकराव बिहार के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसका स

‘राजभवन और शिक्षा विभाग में टकराव टालने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करे सरकार’ सुशील मोदी की मांग
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राजभवन और शिक्षा विभाग के बीच लंबे समय से जारी टकराव बिहार के शैक्षणिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इसका समाधान करने के लिए शिक्षा मंत्री को यथाशीघ्र हस्तक्षेप करना चाहिए।


सुशील मोदी ने कहा कि राजभवन की सहमति के बिना कुलपतियों की बैठक बुलाना और उसमें शामिल न होने वालों के वेतन रोकने जैसी कड़ी कार्रवाई करना दुखद है। उन्होंने कहा कि स्कूल में पढाई और छुट्टी की अवधि को लेकर भी स्थिति को तनावपूर्ण बनाना उचित नहीं था।


उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों और विपक्ष की इच्छा के अनुरूप जब मुख्यमंत्री ने पूर्वाह्न 10 बजे से 4 बजे तक स्कूलों को चलाने का समय घोषित कर दिया, तब इसका अक्षरशः पालन होना चाहिए था। राजभवन की मर्यादा और मुख्यमंत्री के आदेश का पालन कराना कार्यपालिका का कर्तव्य है। इसमें टकराव-अवज्ञा के लिए कोई स्पेस खोजना और फिर उसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाना किसी भी अधिकारी के लिए शोभनीय नहीं हो सकता।