ब्रेकिंग
बिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी होगी खत्म, शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा नया SOP, नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी!प्राइवेट शिक्षण संस्थानों पर नकेल कसने की तैयारी, 1 से डेढ़ महीने में आएगी नई कोचिंग नीति; शिक्षा मंत्री ने बताया सरकार का प्लानबिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर आया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले शिक्ष मंत्री मिथिलेश तिवारीखान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाबिहार में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी होगी खत्म, शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा नया SOP, नियमों की अनदेखी पड़ेगी भारी!प्राइवेट शिक्षण संस्थानों पर नकेल कसने की तैयारी, 1 से डेढ़ महीने में आएगी नई कोचिंग नीति; शिक्षा मंत्री ने बताया सरकार का प्लानबिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर आया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले शिक्ष मंत्री मिथिलेश तिवारीखान सर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट इस दिन सुनाएगा फैसला; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसा

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला : अब घंटों में होगी असली और नकली शराब की पहचान, इन जिलों में खुलेगा जांच सेंटर

PATNA : बिहार में 2016 से शराबबंदी कानून लागू है। इसके बाद से राज्य में कहीं भी शराब पीना या उससे जुड़ा किसी भी तरह का कारोबार करना गैरकानूनी माना गया है और इसको लेकर कठोर सजा का भी

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला : अब घंटों में होगी असली और नकली शराब की पहचान, इन जिलों में खुलेगा जांच सेंटर
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : बिहार में 2016 से शराबबंदी कानून लागू है। इसके बाद से राज्य में कहीं भी शराब पीना या उससे जुड़ा किसी भी तरह का कारोबार करना गैरकानूनी माना गया है और इसको लेकर कठोर सजा का भी प्रावधान लागू है। लेकिन, इसके बाद भी इस कानून के क्या हालात हैं वह किसी से छुपा हुआ नहीं है। राज्य में इन दिनों शराब की होम डिलीवरी का एक चलन का चल पड़ा है।


राज्य में शराबबंदी के बाद से जहरीली और नकली शराब की बिक्री भी धड़ल्ले से हो रही है। हालांकि, इसको लेकर पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई करके शराब जब्त कर रही है। लेकिन जब्ती के बाद सबसे बड़ी समस्या यह आती है कि शराब असली है या नकली। अभी फिलहाल इसकी रिपोर्ट के लिए पुलिस को तीन-चार दिन का इंतजार करना पड़ जाता है। ऐसे में अब नीतीश सरकार ने इसका तोड़ निकाल लिया है। 


दरअसल, शराब माफिया नकली या मिलावटी शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। इस वजह से जब्त शराब की जांच रिपोर्ट जल्दी नहीं मिल पाने से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में भी देरी होती है। अब इन समस्याओं से निजात पाने को सहरसा में रसायण परीक्षण केंद्र खोला जाएगा। यहां शराब की जांच की जाएगी। केंद्र की रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा कि शराब असली है नकली। इसके लिए जमीन की तलाश चल रही है। हालांकि मद्य निषेध विभाग के ग्रुप सेंटर में सघन परीक्षण केंद्र खोलने पर भी विचार चल रहा है। विभाग के तरफ से भागलपुर और पूर्णिया में भी परीक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई जा रही है।


मालूम हो कि, राज्य में फिलहाल जब्त की गई शराब असली है या नकली इसकी पहचान के लिए सैंपल पटना भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। परीक्षण केंद्र खुल जाने से महज तीन से चार घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। इससे शराब मामलों के निपटारे में भी तेजी आएगी। केंद्र में जांच के बाद 90 प्रतिशत से अधिक शराब इंडियन मेड फारेन लिकर (आइएमएफएल) के मानकों पर असफल साबित हुई हैं। उत्पाद निरीक्षक संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सहरसा में रसायन परीक्षण खोला जाएगा। संभावित है कि मद्य निषेध विभाग के ग्रुप सेंटर में ही रसायन परीक्षण केंद्र खोला जाए।