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‘दीनदयाल जयंती में CM का आना RJD पर दबाव बनाने की कलाबाजी’ नीतीश की NDA में वापसी के कयासों पर बोले सुशील मोदी

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि भाजपा को दो बार धोखा देने वाले नीतीश कुमार के लिए अब पार्टी के दरवाजे बंद हैं, लेकिन राज

‘दीनदयाल जयंती में CM का आना RJD पर दबाव बनाने की कलाबाजी’ नीतीश की NDA में वापसी के कयासों पर बोले सुशील मोदी
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि भाजपा को दो बार धोखा देने वाले नीतीश कुमार के लिए अब पार्टी के दरवाजे बंद हैं, लेकिन राजद और कांग्रेस पर दबाव बनाने के लिए वे अक्सर हवा में पलटी मारने की कलाबाजी दिखाते रहते हैं।


सुशील मोदी ने कहा है कि भाजपा-जदयू की सरकार के समय पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पटना में स्थापित की गई थी। मुख्यमंत्री के वहां आकर पुष्पांजलि अर्पित करने पर हमें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन इससे कोई कयास लगाने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में जदयू के 35 और भाजपा के 65 विधायक थे। इसी तरह 2020 के चुनाव में जदयू के 44 के मुकाबले भाजपा के 75 विधायक बने। 20 साल में दो बार भाजपा ने अधिक सीटें जीतने के बाद भी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया और बदले में दो विश्वासघात झेले।


उन्होंने कहा कि अब नीतीश कुमार न तो भरोसा करने लायक हैं और न उनके पास कोई जनाधार बचा है। वे वोट ट्रांसफर कराने की क्षमता खो चुके हैं, उन्हें एनडीए में वापस लेने का कोई प्रश्न नहीं। 2020 में यदि प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय साथ रहे जदयू के लिए भी वोट न मांगे होते, तो पार्टी इतनी सीटें भी न जीत पाती। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब हर गठबंधन के लिए बोझ बन चुके हैं, इसलिए पटना से दिल्ली तक विपक्ष की चार बैठकों के बाद भी उन्हें संयोजक बनाने पर सहमति नहीं बनी। किसी के सपने देखने और नारे लगवाने पर तो कोई रोक है नहीं है।