ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

मुख्यमंत्री को हर हाल में देना होगा जवाब: तेजस्वी के इस्तीफे की मांग पर अड़ी BJP का नीतीश से सवाल- कुर्सी के लिए भ्रष्टाचारियों से कौन सा समझौता किया?

PATNA: मानसून सत्र के पहले दिन बीजेपी ने विधानसभा के भीतर और बाहर सरकार को घेरने की कोशिश की है। तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के मामले को लेकर बीजेपी हमलावर ब

मुख्यमंत्री को हर हाल में देना होगा जवाब: तेजस्वी के इस्तीफे की मांग पर अड़ी BJP का नीतीश से सवाल- कुर्सी के लिए भ्रष्टाचारियों से कौन सा समझौता किया?
Mukesh Srivastava
3 मिनट

PATNA: मानसून सत्र के पहले दिन बीजेपी ने विधानसभा के भीतर और बाहर सरकार को घेरने की कोशिश की है। तेजस्वी के खिलाफ सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के मामले को लेकर बीजेपी हमलावर बनी हुई है और डिप्टी सीएम के इस्तीफे की मांग पर अड़ गई है। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने पूछा है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले नीतीश कुमार ने आज चुप्पी क्यों साध ली है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को हर हाल में बताना होगा कि उन्होंने कुर्सी के लिए भ्रष्टाचारियों से कौन सा समझौता किया है।


विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में अगर कोई चार्जशीटेड डिप्टी सीएम बैठे और सदस्यों की मांग पर सरकार चुप रहे तो इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण बात कोई नहीं हो सकती है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री आज क्यों चुप हैं? ये वहीं नीतीश कुमार हैं जिन्होंने पूर्व सीएम जीतनराम मांझी का एक केस में नाम आने के बाद इस्तीफा ले लिए थे। पूर्व मंत्री आरएन सिंह, पूर्व मंत्री मेवालाल चौधरी, मंजू वर्मा, कार्तिक सिंह का इस्तीफा लेने वाले नीतीश आज मौन क्यों हैं, उन्हें इसका जवाब देना होगा। नीतीश कुमार को बताना होगा कि क्या वे भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेंस की बात से मुकर गए हैं।


एक भ्रष्टाचारी सरकार को बिहार की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। नीतीश कुमार को बताना होगा कि उन्होंने भ्रष्टाचारियों से किस बात के लिए समझौता किया है। बिहार की जनता ने भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर कांग्रेस और आरजेडी की सरकार को उखाड़कर फेंक दिया था। नीतीश कुमार को बताना होगा कि कुर्सी के लिए उन्होंने भ्रष्टाचार से समझौता किया है। आज सदन की कार्यवाही का सम्मान करते हुए बीजेपी के सदस्य चुप रहे लेकिन चार्जशीटेड उपमुख्यमंत्री बिहार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। बता दें कि रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लिखवाने के मामले में सीबीआई ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद, राबड़ी देवी के बाद अब तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें