ब्रेकिंग
Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर ✦Bihar News: जहानाबाद सदर अस्पताल में जनरेटर बिल में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट कहां है... क्या मामले को दबाने की हो रही कोशिश ?✦महिला ने एक साथ 2 बेटे और 2 बेटियों को दिया जन्म, चारों नवजात स्वस्थ, परिवार में खुशी का माहौल ✦पटना MLC चुनाव में PK का बड़ा ऐलान: शिक्षकों को 7वां वेतनमान और 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का दावा✦‘किसी भी बेटी को अगर कोई छू ले तो 24 घंटे में सलाखों के पीछे होगा’, युवा संवाद में बोले सीएम सम्राट चौधरी✦मिट्ठू लाओ-50 हजार का ईनाम पाओ: बिल्ली की डर से उड़ा 14 साल पुराना तोता, पूरे इलाके में मालिक ने लगाया पोस्टर

मंत्री लेसी सिंह को स्पीकर ने फिर लगाई फटकार, भाई वीरेंद्र पर 'जबरदस्ती' करने का लगाया था आरोप

PATNA: बिहार विधानसभा में आज फिर अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा नीतीश सरकार की मंत्री पर बिफर गये. दरअसल, राजद विधायक भाई वीरेन्द्र ने सीएजी की रिपोर्ट के माध्यम से खाद्य आपूर्ति व

मंत्री लेसी सिंह को स्पीकर ने फिर लगाई फटकार, भाई वीरेंद्र पर 'जबरदस्ती' करने का लगाया था आरोप
First Bihar
2 मिनट

PATNA: बिहार विधानसभा में आज फिर अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा नीतीश सरकार की मंत्री पर बिफर गये. दरअसल, राजद विधायक भाई वीरेन्द्र ने सीएजी की रिपोर्ट के माध्यम से खाद्य आपूर्ति विभाग में बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा किया. राजद विधायक ने कहा कि विभाग में 2013-14 से 2017-18 तक ऑडिट नहीं होने की वजह और अधिकारियों की गलती से बिहार को 48 करोड़ रू से ब्याज भऱना पड़ा है. उपयोगिता प्रमाण पत्र सही समय पर नहीं दिया गया. इस वजह से बिहार का भारी नुकसान हुआ. 


इस पर खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट ही गलत है. जहां तक केंद्र को उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं देने की बात है तो अगले वित्तीय वर्ष में ऑडिट कराकर रिपोर्ट केंद्र को भेज दी जायेगी. मंत्री करीब 13 मिनट तक सदन में जवाब पढ़ती रहीं. लेकिन इसके बाद भी न प्रश्नकर्ता संतुष्ट हुए और न अध्यक्ष.


अध्यक्ष ने मंत्री को डांट लगाई कि आपके अधिकारी बिना गंभीरता से जबाब दिए है. यह आसन के समय बर्बाद करने वाला जवाब है. कैग की रिपोर्ट आपने पढ़ी लेकिन यह तो विधानसभा के लोक लेखा समिति के पास है. अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि मंत्री के जवाब के वजह से आज अल्पसूचित प्रश्न समय खत्म हो गया.


वहीं मंत्री के जवाब पर भाई विधायक ने कहा कि मंत्री का जवाब भ्रामक है. मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं. हम मंत्री से जबरदस्ती नहीं कर सकते. हमने कभी उनसे जबरदस्ती की है क्या? इसके बाद राजद विधायक सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर हंगामा करने लगे. बढ़ते हंगामे को देखकर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दिया.