ब्रेकिंग
सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानासहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्माना

क्या पाला बदलने की तलाश में जुटे हैं नीतीश ? पंडित दीनदयाल की जयंती में शामिल होंगे CM, उठने लगे ये सवाल

PATNA : क्या नीतीश कुमार कोई बड़ा खेल करने वाले हैं? क्या बिहार के मुख्यमंत्री फिर कोई नई तरकीब सोच रहे हैं? नीतीश कुमार एक बार फिर से भाजपा के साथ जाने का रास्ता देख रहे हैं? यह त

क्या पाला बदलने की तलाश में जुटे हैं नीतीश ?  पंडित दीनदयाल की जयंती में शामिल होंगे CM, उठने लगे ये सवाल
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : क्या नीतीश कुमार कोई बड़ा खेल करने वाले हैं? क्या बिहार के मुख्यमंत्री फिर कोई नई तरकीब सोच रहे हैं? नीतीश कुमार एक बार फिर से भाजपा के साथ जाने का रास्ता देख रहे हैं? यह तमाम सवाल इन दोनों बिहार की राजनीति में काफी सुर्खियों में बनी हुई है। इसके पीछे की बजाया है कि सीएम नीतीश कुमार लगातार भाजपा के उन कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं जिसमें अमूमन सिर्फ भाजपा के नेता ही शामिल होते हैं।


दरअसल, बिहार दर्शन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर चरखा मैदान जाने का फैसला किया है। सीएम नीतीश कुमार चरखा मैदान पहुंचकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे इसके साथ ही चरखा मैदान में दीनदयाल उपाध्याय के यादों में बनी कलाकृतियों को भी बारीकी से देखेंगे।


वही कम के पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर चरखा मैदान पहुंचने की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से यह सवाल उठाने शुरू हो गया है कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर से भाजपा के साथ अपनी दोस्ती बढ़ा रहे हैं। क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अनुमन कुमार भाजपा के साथ थे तभी जाते थे बीजेपी से अलग होने के बाद वह इस कार्यक्रम में जाते हुए नजर नहीं

 आए हैं। ऐसे में जब आज नीतीश कुमार लालू के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं तो फिर दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनका चरखा मैदान जाना अपने आप में एक अनोखा फैसला बताया जा रहा है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि नीतीश कुमार हमेशा से ही देश के पुराने नेताओं का आदर सम्मान करते रहे हैं ऐसे में उनका इस कार्यक्रम में जाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है।


बताया जा रहा है कि, सीएम नीतीश कुमार पिछले कुछ दिनों से काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं नीतीश कुमार लगातार सचिवालय जा रहे हैं तो कभी वह अपने पैतृक आवाज से निकाल कर जल्दी वापस पहुंच जाते हैं और फिर वहां से सीधा राबड़ी आवास पहुंच जाते हैं। ऐसे मैं चीज कुमार के अचानक एक्टिव होने को लेकर तमाम तरह की चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोगों का कहना है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से पाला बदलने का देख रहे हैं तो कुछ लोगों का यह कहना है कि लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आ चुका है इसलिए नीतीश कुमार अब अपनी तैयारी को धार देने में जुटे हुए हैं।


बहरहाल, देखने वाली बात या हो गई कि नीतीश कुमार जब आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर चरखा मैदान जाएंगे और जब वहां से वह श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया के सवालों का जवाब देंगे तो फिर वह क्या कुछ कहते हैं और अचानक अपने इस कार्यक्रम को लेकर वह क्या जानकारी देते हैं।