ब्रेकिंग
बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति

केंद्र सरकार के अंतरिम बजट को मुकेश सहनी ने 'चुनावी भाषण' बताया, कहा- बिहार के लोगों के लिए बजट निराशाजनक

PATNA: केंद्र सरकार ने संसद में अंतरिम बजट आज पेश किया। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने इसे चुनावी भाषण बताया। मुकेश सहनी ने

केंद्र सरकार के अंतरिम बजट को मुकेश सहनी ने 'चुनावी भाषण' बताया, कहा- बिहार के लोगों के लिए बजट निराशाजनक
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: केंद्र सरकार ने संसद में अंतरिम बजट आज पेश किया। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने इसे चुनावी भाषण बताया। मुकेश सहनी ने कहा कि सही अर्थों में केंद्र सरकार का अंतरिम बजट चुनावी भाषण से ज्यादा कुछ नहीं है। बिहार के लोगों के लिए यह बजट निराशाजनक है। किसान और युवाओं के भविष्य के लिए कुछ भी इस बजट में नहीं है। 


उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी जिस तरह संसद में बजट पेश कर रही थी, उससे साफ लग रहा था कि वे चुनावी भाषण दे रही हैं। बजट में न आधारभूत संरचना की बात कही गई है और न ही किसानों के कल्याण और उनकी तरक्की का मार्ग सुझाया गया है। 


मुकेश सहनी ने जोर देकर कहा कि बिहार इस अंतरिम बजट से फिर से ठगा महसूस कर रहा है। बिहार के लोगों को आशा थी कि इस चुनावी वर्ष में भी पिछड़े इस राज्य के विकास के लिए कुछ मिलेगा लेकिन फिर से निराशा हाथ लगी। 


उन्होंने कहा कि इस बजट में भी पूर्व के बजट की भांति 2047 में विकसित भारत का सुनहरा सपना दिखाया गया है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि इस बजट से एक बार फिर औद्योगिक घरानों को मदद मिलेगी और गांव के किसान और युवा अच्छे दिनों का इंतजार करेंगे। 


वीआईपी के नेता और पूर्व मंत्री श्री सहनी ने कहा कि बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए भी कोई सही रास्ता इस बजट में प्रस्ताव नहीं किया गया है। कुल मिलाकर यह बजट चुनावी वर्ष में सुनहरे सपना दिखाने वाला बजट है।