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गवर्नर ने चार विधेयकों को किया मंजूर, 75% आरक्षण बिल को नहीं मिली मंजूरी

PATNA : इस बार बिहार विधानमंडल शीतकालीन सत्र में कई विधेयक पेश किया गया। इसके बाद अब इस बार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पारित चार विधेयकों को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर

गवर्नर ने चार विधेयकों को किया मंजूर, 75% आरक्षण बिल को नहीं मिली मंजूरी
Tejpratap
Tejpratap
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PATNA : इस बार बिहार विधानमंडल शीतकालीन सत्र में कई विधेयक पेश किया गया। इसके बाद अब इस बार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में पारित चार विधेयकों को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर की मंजूरी मिल गई। इसके बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार को इनका गजट प्रकाशित कर दिया।


वहीं, बिहार में नौकरी और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का कोटा 60 से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किये जाने से संबंधित विधानमंडल से पारित विधेयक पर अभी राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है। इसके बाद बिहार पंचायती राज संशोधन 2023 विधेयक पर राज्यपाल की स्वीकृति के बाद गजट प्रकाशित किया गया। 


इसके साथ ही इस गजट प्रकाशन के बाद बीडीओ को फिर पंचायत समिति के कार्यकपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी होगी। अब जल्द पंचायती राज विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा। अभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। दो सालों पहले बीडीओ की जगह बीपीआरओ को कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया था, जिसमें फिर बदलाव हुआ है।


उधर, अन्य तीन विधेयकों में बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक 2023, बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2023 और बिहार विनियोग विधेयक 2023 शामिल हैं, जिनपर राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद गजट प्रकाशित कर दिया है। बिहार विनियोग विधेयक 2023 के पारित होने से द्वितीय अनुपूरक बजट के अंतर्गत 26,086 करोड़ राशि खर्च करने का रास्ता साफ हो गया है।