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डेंगू से बिगड़े हालात के लिए नीतीश-तेजस्वी जिम्मेवार, सुशील मोदी बोले- CM को बिहार से अधिक देश की चिंता

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी सोमवार को पीएमसीएच पहुंचे और वहां भर्ती डेंगू के मरीजों से मुलाकात की। इस दौरान सुशील मोदी ने डेंगू वार्ड में घूम

डेंगू से बिगड़े हालात के लिए नीतीश-तेजस्वी जिम्मेवार, सुशील मोदी बोले- CM को बिहार से अधिक देश की चिंता
Mukesh Srivastava
4 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी सोमवार को पीएमसीएच पहुंचे और वहां भर्ती डेंगू के मरीजों से मुलाकात की। इस दौरान सुशील मोदी ने डेंगू वार्ड में घूम घूमकर डेंगू से पीड़ित मरीजों का हालचाल जाना। मरीजों से मुलाकात के बाद सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला। सुशील मोदी ने कहा कि अगर समय रहते सरकार ने इसपर ध्यान दिया होता तो आज हालात इतने खराब नहीं होते। उन्होंने डेंगू से राज्य में बिगड़े हालाक से लिए सीधे तौर पर सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को जिम्मेवार बताया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार के लोगों से अधिक देश की चिंता सता रही है।


सुशील मोदी ने कहा कि बिहार में अगस्त महीने से ही डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा था लेकिन सरकार के स्तर पर इसके रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगस्त के महीने में जब बिहार में नई सरकार बनी तो पूरी सरकार राजनीति में लगी हुई थी। मुख्यमंत्री को बिहार की जनता से ज्यादा देश की चिंता सताने लगी है। सुशील मोदी ने कहा कि डेंगू के दौरान नगर विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी भूमिका होती है, दोनों ही विभाग डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के पास है। फॉगिंग और छिड़काव के साथ घर घर जाकर डेंगू की रोकथाम के लिए काम करना नगर विकास विभाग का काम है जबकि स्वास्थ्य विभाग की भी इसमें अहम भूमिका है। लेकिन तेजस्वी यादव को इससे कोई मतलब नहीं है। 


तेजस्वी यादव ने एक बार भी दोनों विभागों में बैठक समीक्षा तक नहीं की है। पिछली सरकार में मंगल पांडेय स्वास्थ्य मंत्री थे, वे हर दिन घंटे दो घंटे बैठक स्थिति की समीक्षा किया करते थे लेकिन अब सरकार ने इसे अधिकारियों के भरोसे छोड़ दिया है। डेंगू के दौरान सबसे बड़ी समस्या प्लेटलेट्स की कमी की है। एनडीए की सरकार में इसके लिए मशीन आई थी जो ब्लडबैंक में धूल फांक रही है। एनएमसीएच में ये मशीन नहीं है जबकि पीएमसीएच में है भी तो वह खराब पड़ी हुई है। इस मशीन के माध्यम से खून से प्लेटलेट्स निकालकर मरीजों को चढ़ाया जाता है, जो काफी तेजी से प्लेटलेट्स को बढ़ाता है।


सुशील मोदी ने कहा कि बिहार के अन्य 8 से 10 अस्पतालों में मशीने हैं भी तो उनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। बिहार में आज डेंगू महामारी का रूप ले चुका है, उसका रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अभी अगर छिड़काव भी होगा तो उसका कोई फायदा नहीं मिलने वाला है क्योंकि डेगू पूरे राज्य में पांव पसार चुका है। अभी भी सिर्फ वीआईपी इलाकों में ही छिड़काव किया जा रहा है जबकि अन्य इलाकों में छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं है। आज बिहार में डेंगू से जो हालात उत्पन्न हुए हैं उसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव जिम्मेवार हैं।


उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सीएम और डिप्टी सीएम ने इस पर ध्यान दिया होता तो शायद आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। डेंगू के कारण सिर्फ पीएमसीएच में चार लोगों की मौत हो चुकी है। बिहार के 10 से अधिक जिलों में डेंगू फैल चुका है। उन्होंने सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से अपील की है कि वे प्रतिदिन इसकी मॉनेटरिंग करें और केवल अधिकारियों और डॉक्टरों के भरोसे इसे नहीं छोड़ें तभी हालात काबू में हो सकेंगे।