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जेडीयू-बीजेपी में भारी घमासान: संजय जायसवाल का शराबबंदी को लेकर नीतीश पर हमला, कहा-मीडिया से बाहर निकलें, हकीकत का अंदाजा हो जायेगा

PATNA: बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच घमासान लगातार तेज होता जा रहा है. अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सीधे नीतीश कुमार की शराबबंदी पर सवाल उठा दिया है. संजय जायसवा

जेडीयू-बीजेपी में भारी घमासान: संजय जायसवाल का शराबबंदी को लेकर नीतीश पर हमला, कहा-मीडिया से बाहर निकलें, हकीकत का अंदाजा हो जायेगा
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PATNA: बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच घमासान लगातार तेज होता जा रहा है. अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सीधे नीतीश कुमार की शराबबंदी पर सवाल उठा दिया है. संजय जायसवाल ने नीतीश कुमार और उनके सहयोगियों को सलाह दी है- मीडिया की दुनिया से बाहर जाकर अपने पंचायत के ही किसी भी आम व्यक्ति से संपर्क कर लें, आपको शराबबंदी और पुलिस की भूमिका अच्छे से समझ में आ जाएगी.

क्यों भड़के संजय जायसवाल

दरअसल संजय जायसवाल जेडीयू के एक प्रवक्ता के बयान के बाद भडके हैं. जेडीयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने सीधे संजय जायसवाल पर हमला बोल दिया था. ट्विटर पर अभिषेक झा ने संजय जायसवाल से पूछा था कि उन्होंने एनडीए गठबंधन की सरकार के खिलाफ कितने बयान दिये हैं, उसकी संख्या याद है. जेडीयू के प्रवक्ता ने कहा था कि संजय जायसवाल अपने क्षेत्र में जहरीली शराब से मौत के बाद पीडित परिवारों से क्यों मिलने गये थे. ऐसा करके उन्होंने एनडीए सरकार की नीति के खिलाफ में काम किया या पक्ष में. इसके बाद ही संजय जायसवाल भडके हैं.


संजय जायसवाल का लंबा जवाब

जेडीयू प्रवक्ता के आरोपों के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सोशल मीडिया के जरिये लंबा चौडा जवाब दिया है. जायसवाल ने लिखा है कि उनकी प्रवृत्ति नहीं है कि अपने ऊपर किए गए व्यक्तिगत आरोपों का जवाब दें.  

आज मुझे पता चला कि जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा उनके लोकसभा क्षेत्र में जहरीली शराब के कारण हुए मृत्यु के बाद वहां जाने पर उनसे जवाब मांग रहे हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि जदयू के प्रवक्ता का मुझसे सवाल करना बताता है कि यह सवाल जदयू के द्वारा है क्योंकि प्रवक्ता दल की बातें रखता है अपनी व्यक्तिगत नहीं .

संजय जायसवाल ने लिखा है कि वे जहरीली शराब से हुई मौतों के परिवारजनों के घर गये थे और अगर भविष्य में भी कभी उनके लोकसभा क्षेत्र में इस तरह की दुर्घटना घटेगी तो वे हर हालत मंर जायेंगे औऱ आर्थिक मदद भी करेंगे. अगर कोई व्यक्ति जहरीली शराब से मरता है तो उसने निश्चित तौर पर अपराध किया है पर इससे प्रशासनिक विफलता के दाग को बचाया नहीं जा सकता और जब वे इस शासन के एक घटक का अध्यक्ष हैं तो यह उनकी भी विफलता है. वे उन गरीबों से इंसानियत के नाते मिलने गये थे. उन सभी परिवारों को अंतिम क्रियाकर्म में थोड़ी सी मदद करने का काम उन्होंने किया है क्योंकि गुनाहगार मरने वाले थे ना कि उनके परिवारजन.



नीतीश के शराबबंदी कानून पर बीजेपी का सीधा हमला

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि वे मीडिया के सामने कह चुके हैं कि शराबबंदी कानून की पुनः समीक्षा होनी चाहिए. हालांकि वे 100% शराबबंदी का समर्थक हैं और मानता हैं कि शराब बहुत बड़ा सामाजिक अपराध है जो पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि शराबबंदी होनी चाहिये लेकिन इसके साथ ही वे यह भी मानता हैं कि जिस श्रेणी का अपराध हो सजा उसी श्रेणी की होनी चाहिए. दिल्ली से कोई परिवार दार्जिलिंग छुट्टियां मनाने जा रहा है और उसके गाड़ी में बिहार में एक बोतल शराब पकड़ी गई और उस परिवार की गाड़ी नीलाम हो जाती है. संजय जायसवाल ने कहा कि ऐसी कम से कम 5 घटनाएं वे व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं. 10 वर्ष के जेल का प्रावधान केवल उन पुलिस अधिकारियों के लिए होना चाहिए जिन्होंने इतने अच्छे सामाजिक सोच को नुकसान पहुंचाया है.